
नईदुनिया प्रतिनिधि, सीहोर: जिले में मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नवजात बच्ची का सड़क पर अंतिम संस्कार किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। मामला सीहोर-भैरुंदा मार्ग का है, जहां मंगलवार को यह अंतिम संस्कार किया गया, जबकि वीडियो शुक्रवार को सामने आया।
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जानकारी के अनुसार, ममता पत्नी संतोष जाट को 30 दिसंबर की शाम 4.30 बजे सीहोर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दो जनवरी की रात 2.22 बजे उन्होंने सामान्य प्रसव से एक प्री-मैच्योर बच्ची को जन्म दिया। नवजात का वजन मात्र 900 ग्राम था और हालत शुरू से ही गंभीर थी। प्रसव के बाद बच्ची को तत्काल जिला अस्पताल की एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबार्न केयर यूनिट) में भर्ती किया गया। उपचार के दौरान सोमवार दोपहर करीब 3.30 बजे नवजात की मृत्यु हो गई। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को शव लेने के लिए बुलाया।
इसी दौरान बच्ची के पिता संतोष जाट ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के समय चिकित्सक मौजूद नहीं थे और एसएनसीयू में तैनात डॉक्टर और स्टॉफ का व्यवहार असंवेदनशील रहा। मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रबंधन ने संबंधित चिकित्सकों और स्टाफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
वहीं प्रबंधन का कहना है कि परिजनों ने प्रदर्शन से पहले सिविल सर्जन, आरएमओ या किसी वरिष्ठ अधिकारी को सूचना नहीं दी। महिला चिकित्सक ने अपने बयान में कहा है कि उन्होंने प्रसूता की जांच की थी और प्रशिक्षित नर्सिंग ऑफिसर द्वारा लेबर रूम में प्रसव कराया गया।
इधर, वीडियो वायरल होने के बाद संतोष जाट ने बताया कि उन्हें अस्पताल के सामने चल रहे धरने से हटा दिया गया था। इसके बाद उन्होंने सीहोर-भैरुंदा–इछावर मार्ग पर अपनी नवजात बच्ची का सड़क पर ही अंतिम संस्कार कर दिया। फिलहाल जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की जांच के संकेत दिए हैं।