MP News: सिवनी में छात्रवृत्ति गबन के आरोपी सहायक आयुक्त अमर सिंह उइके को राज्य सरकार ने किया निलंबित
डिंडौरी जिले में अपराध दर्ज होने के बाद पांच माह तक फरार रहे सहायक आयुक्त को गिरफ्तार करने पुलिस ने 20 हजार रुपये का ईनाम भी घोषित किया था। अपने मजबूत सूचना तंत्र के कारण बार-बार पुलिस को चकमा देकर रहे सहायक आयुक्त अमर सिंह उइके को डिंडौरी पुलिस ने भोपाल के एक होटल से गिरफ्तार किया था।
Publish Date: Fri, 29 Aug 2025 07:50:12 PM (IST)
Updated Date: Fri, 29 Aug 2025 07:55:57 PM (IST)
सहायक आयुक्त कार्यालय सिवनी। फाइल।HighLights
- जेल से छूटने के बाद संभाला था जनजातीय कार्य विभाग का प्रभार।
- सहायक आयुक्त उइके का निलंबन आदेश सिवनी पहुंच गया है।
- उनका प्रभार किसे दिया गया है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
नईदुनिया प्रतिनिधि, सिवनी। जनजातीय कार्य विभाग में 2.59 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति घोटाला के आरोपित सहायक आयुक्त अमर सिंह उइके को जनजातीय कार्य विभाग के उपसचिव दिशा प्रणय नागवंशी ने 29 अगस्त को आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
सहायक आयुक्त उइके का निलंबन आदेश शुक्रवार को सिवनी पहुंच गया है। हालाकि उइके के निलंबित होने के बाद सहायक आयुक्त का प्रभार किसे दिया गया है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
जनजातीय कार्य विभाग सिवनी में पदस्थ सहायक आयुक्त अमर सिंह उइके पर 21 फरवरी 2024 को कोतवाली डिंडौरी में तत्कालीन सहायक आयुक्त अमरसिंह उइके के खिलाफ पुलिस ने वित्तीय अनियमितताओं के मामले में धारा 420, 409 एवं 34 भादंवि का प्रकरण दर्ज किया था।
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जेल से बाहर आकर संभाला था सिवनी का प्रभार
डिंडौरी न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत होने तथा भादंवि की धारा 420, 409 व 34 में आरोपित अमर सिंह उइके 27 जुलाई 2024 से 10 मई 2025 तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल में रहने के कारण मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत सहायक आयुक्त अमर सिंह उइके को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
राज्य शासन ने वर्तमान में जनजातीय कार्य विभाग सिवनी में सहायक आयुक्त अमर सिंह उइके (तत्कालीन सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग डिंडौरी) को कार्यालय संभागीय उपायुक्त जनजातीय कार्य तथा अनुसूचित जाति विकास भोपाल संलग्न किया है।
उइके को निलंबन काल में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। गौरतलब है कि लगभग एक साल बाद जेल से छूटकर आए अमर सिंह उइके ने कुछ माह पहले ही सिवनी में सहायक आयुक्त का प्रभार जून 2025 में संभाला था।
वर्ष 2019 से 2021 के बीच हुआ घोटाला
- सहायक आयुक्त अमर सिंह उइके के कार्यकाल में जनजातीय कार्य विभाग में 25 फरवरी 2019 से 21 जनवरी 2021 तक की अवधि में वित्तीय अनिमिताओं का मामला प्रकाश में आया था।
- लोकायुक्त जांच में यह घोटाला 2 करोड़ 59 लाख रुपये का पाया गया था। इसके बाद डिंडौरी कलेक्टर विकास मिश्रा के निर्देश पर वर्तमान सहायक आयुक्त संतोष शुक्ला की शिकायत पर तत्कालीन सहायक आयुक्त अमर सिंह उइके के विरूद्ध कोतवाली डिंडौरी में 21 फरवरी 2024 को विभिन्न के तहत मामला दर्ज किया गया था।
- अपने विरुद्ध मामला दर्ज होने की भनक पाते ही सिवनी में पदस्थ सहायक आयुक्त आरोपित अमर सिंह फरार हो गए थे।
- लगातार पुलिस से भागने व छुपने की दशा में डिंडौरी के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपित की हाजिरी की अपेक्षा करते हुए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के तहत उदघोषणा जारी की थी।
- इसमें अपराध से संबंधित मामले में आरेपित को 13 अगस्त 2024 तक हाजिर ना होने पर पूरी संपत्ति जब्ती व कुर्की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
- सिवनी में सहायक आयुक्त रहने के दौरान अमर उइके ने भारी मात्रा में शासकीय राशि का भुगतान विभिन्न मदों में करने का आरोप लगे थे। उनके कार्यकाल में हुई स्मार्ट टीवी खरीदी, भर्ती, ट्रांसफर आदि मामलों की चर्चा रही है।