नईदुनिया प्रतिनिधि, श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकले 19 माह के चीता शावक का शिकार करने के आरोप में तीन लोगों को एसटीएफ ने हिरासत में लिया है। विजयपुर वन परिक्षेत्र के नितनवांस में जिस स्थान पर शिकार किया गया, वहां मुरैना और श्योपुर जिलों के गांवों के कई शिकारी परिवार जंगल काटकर खेती व जानवरों का शिकार करते हैं और मीट व अन्य अवशेष की तस्करी करते हैं।
उन्हीं में से तीन मुख्य शिकारी
ससुर व दो दामादों ने इस चीता शावक का शिकार किया। एसटीएफ का दावा है कि ये तीनों शिकारी चीते का शिकार करने की बात स्वीकार चुके हैं। इनसे बंदूकें भी बरामद हो गई हैं। इनके तार किससे जुड़े हुए हैं, ताकि शिकारियों के नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।
कूनो और सामान्य वन क्षेत्र में शिकारियों के कई ठिकाने
मध्य प्रदेश में कूनो और सामान्य वन मंडल इलाके के जंगल में शिकारियों के कई ठिकाने हैं। मुरैना जिले के बहरारे, श्योपुर जिले के वीरपुर के धौरेट सरकार इलाके से लेकर इमलिया, नीमडांडा, मेटोनी, विजयपुर का नितनवांस, बालकदास बाबा के आश्रम के आसपास, पनवाड़ा, श्यामपुर, नहरखेड़ा, धौंधा, रघुनाथपुर, ओछापुरा और सिरोनी व अगरा क्षेत्र में शिकारियों के डेरे हैं।
इससे पहले जंगल में तेंदुओं का शिकार भी किया गया था। इसके बाद भी जंगल में घर और खेत बनाकर अवैध रूप से रह रहे इन शिकारियों कार्रवाई नहीं की गई।
कूनो से निकलकर राजस्थान में पहुंचा चीता
वहीं, कूनो नेशनल पार्क से निकला एक चीता राजस्थान तक पहुंच गया। रविवार को बारां जिले के खेरूना गांव में ग्रामीणों ने उसे देखा और वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर ग्रामीणों को सतर्क किया।