
नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी। शिवपुरी शहर में आवारा कुत्तों का आतंक खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। देर शाम से फिर एक काले कुत्ते ने शहर में आतंक बरपा दिया। जिला अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार शाम से ही लगातार मरीज आ रहे थे, रविवार दोपहर 2 बजे तक 40 नए मरीजों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए गए हैं।
इसके अलावा कई लोगों ने निजी अस्पतालों में भी इलाज कराया है। एक तरफ अस्पताल में रोज इंजेक्शन लगवाने बच्चों की लाइन लग रही है, दूसरी तरफ एबीसी सेंटर की फाइल नपा में धूल खा रही है। जब तक सेंटर शुरू नहीं होगा, तब तक शिवपुरी में इसी तरह के हमलों की खबरें आती रहेंगी।
इन इलाकों में किया हमला
कुत्ते ने सबसे ज्यादा आतंक मनियर, गुरुद्वारा चौराहा, लुहारपुरा और पुरानी शिवपुरी के राधा रमण मंदिर क्षेत्र में मचाया। मनियर निवासी रूपेश उपाध्याय ने बताया कि उनके भाई हृदेश उपाध्याय पर भी कुत्ते ने हमला किया। सिर्फ मनियर में ही 6 साल के बच्चे समेत करीब 5 लोगों को इसी काले कुत्ते ने काटा है।
घायलों में गुना निवासी राजू और शांति नगर निवासी प्रमोद कुशवाह भी शामिल हैं। घायलों में बड़ी संख्या में बच्चे भी हैं।
सिविल सर्जन की सूचना के बाद जागी नपा
लगातार मरीजों के आने की रफ्तार को देखकर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर आरपी चौहान ने मामले की जानकारी नगर पालिका सीएमओ यशवंत राठौर को दी।
इसके बाद नगर पालिका का अमला हरकत में आया और उक्त पागल कुत्ते को तलाशने व पकड़ने के प्रयास शुरू किए गए। बताया जा रहा है कि दोपहर करीब एक बजे नगर पालिका के अमले ने उक्त कुत्ते को पकड़ लिया।
कागजों पर है एबीसी सेंटर, जमीन पर कुत्तों के झुंड
ये कोई नई घटना नहीं है। पिछले नौ महीने में जिला अस्पताल में दो हजार से ज्यादा डॉग बाइट के मरीज अपना उपचार करवा चुके हैं। इस गंभीर समस्या को देखते हुए नगर पालिका ने मार्च महीने में जबलपुर की एक संस्था एम. डॉग एनिमल बर्थ कंट्रोल सोसायटी को कुत्तों की नसबंदी करने का टेंडर दे दिया है।
जून महीने में अधिकारियों का कहना था कि एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर 15 दिन में कमियां पूरी कर शुरू कर दिया जाएगा, जहां कुत्तों को पकड़कर नसबंदी और टीकाकरण के बाद उसी इलाके में छोड़ा जाएगा। लेकिन हकीकत ये है कि टेंडर मंजूरी और ठेका प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी आज तक एबीसी सेंटर शुरू नहीं हो पाया है।
नपा के विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो डॉक्टर ने विजिट करने के बाद जो निर्माण कार्य बताया था वह निर्माण कार्य आज भी अधूरा पड़ा हुआ है।
सड़कों पर झुंड में घूम रहे आवारा कुत्ते
नपा की इसी लापरवाही का नतीजा है कि शहरभर में आवारा कुत्तों के झुंड सड़कों पर घूम रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के 3 अगस्त 2025 और 7 नवंबर 2025 के आदेश में भी स्पष्ट कहा गया है कि आक्रामक और रेबीज से ग्रस्त कुत्तों को शेल्टर होम में रखा जाए और सामान्य कुत्तों की नसबंदी कर उसी इलाके में छोड़ा जाए।
स्कूल, अस्पताल, कॉलेज, रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों से कुत्तों को हटाकर शेल्टर में रखने के निर्देश हैं, लेकिन शिवपुरी में इन आदेशों का पालन नहीं हो रहा। शहर की सड़कों पर आवारा कुत्ते आज भी झुंड बनाकर घूम रहे हैं।