• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • शिवपुरी

शिवपुरी में सीवर प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार, 113 करोड़ खर्च होने के बाद भी हुआ फेल, 80 से 90 लोग आ सकते हैं कार्रवाई के घेरे में

शहर में 14 साल पहले शुरू हुआ शिवपुरी का सीवर प्रोजेक्ट आखिर 113 करोड़ रुपए खर्च होने के बाद भी पूरा नहीं हो सका।

By Bharat SharmaEdited By: Nitin Kumar
Publish Date: Mon, 28 Sep 2026 10:10:01 AM (IST)Updated Date: Mon, 28 Sep 2026 10:16:29 AM (IST)
शिवपुरी में सीवर प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार, 113 करोड़ खर्च होने के बाद भी हुआ फेल, 80 से 90 लोग आ सकते हैं कार्रवाई के घेरे में
शिवपुरी सीवर प्रोजेक्ट, फाइल फोटो

HighLights

  1. सीवर प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार आया सामने
  2. 113 करोड़ खर्च के बाद प्रोजेक्ट फेल
  3. 80 से 90 लोगों पर हो सकती हैं कार्रवाई

नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी। 14 साल पहले शुरू हुआ शिवपुरी का सीवर प्रोजेक्ट आखिर 113 करोड़ रुपए खर्च होने के बाद भी पूरा नहीं हो सका। शुरुआत में करीब 67 करोड़ रुपए खर्च हुए इसके बाद इस प्रोजेक्ट पर खर्च की राशि बढ़ती गई लेकिन सीवर लाइनों से गंदा पानी बाहर नहीं निकाला जा सका।

19 सितंबर को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिशा की बैठक में सभी जिला अधिकारियों के बीच कहा था कि शिवपुरी का सीवर प्रोजेक्ट फेल हो गया जो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।

सिंधिया ने उदाहरण देते हुए बताया था कि उनके परिवार के पुराने कार्यकाल में बिछाई गई सीवर लाइन आज भी कई किलोमीटर तक चालू है, जबकि 113 करोड़ खर्च होने के बाद इसे चालू नहीं कर पाए हैं।

शिवपुरी सीवर प्रोजेक्ट का मामला हाईकोर्ट तक भी जा पहुंचा है। हाइकोर्ट के निर्देश पर आठ विभागीय सदस्यों की विशेष जांच टीम बनाई गई है।

जांच टीम में नागपुर के दो वैज्ञानिक, एसडीएम शिवपुरी, ट्रेजरी अधिकारी, इफको के अधिकारी और नगरीय प्रशासन के इंजीनियर शामिल हैं। यह जांच टीम 28 सितंबर को हाईकोर्ट में अपनी जांच रिपोर्ट पेश करेगी।

जिम्मेदारों से हो सकती है रिकवरी

सीवर प्रोजेक्ट फेल होने के पीछे जो अधिकारी जिम्मेदार होंगे उनसे रिकवरी भी हो सकती है। करीब 80 से 90 लोग कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। हाल यह है कि सीवर प्रोजेक्ट के तहत लोगों के घरों तक सीवर लाइन नहीं जुड सकीं। कई जगहों पर लाइनें मलबा से जाम हैं।


यह भी पढ़ें- MP Weather: ग्वालियर में ठंडी फिजा में खिली गुनगुनी धूप, रात में फिर बरसे बादल, आने वाले तीन दिनों में बारिश की संभावना

कई मिट्टी में ही दबकर रह गईं। जहां सीवर लाइन डली तो वहां चालू होने से पहले ही फूट गई। सीवर लाइनों के ढक्कन तक नहीं लगाए जा सके। पूरे प्रोजेक्ट पर देखें तो करीब 120 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। इसके बाद भी सीवर प्रोजेक्ट फेल हो गया। शहर का गंदा पानी झीलों तक पहुंचता है।

अब लोग संसय में, क्या फिर खुदेंगी सड़कें

सीवर प्रोजेक्ट के दौरान जिस तरह से शहर को पाइप लाइन बिछाने खोद दिया था उससे लोग सालों परेशान रहे। कई जगहों पर तो खोदी गई सड़कों की मरम्मत तक नहीं कराई गईं। अब सांसद ने जब दिशा की बैठक में सीवर प्रोजेक्ट फेल बताया तो लोग संसय में हैं कि क्या अब फिर सड़कें खुदेंगी। जो लोग अपने घरों के सामने सड़कों की मरम्मत निजी खर्चों से कर लिया करते थे वो भी अब नहीं कर रहे हैं।

सीवर प्रोजेक्ट को लेकर जांच हुई है। इसकी जांच विशेष टीम ने की है। यह जांच रिपोर्ट हाइकोर्ट में पेश की जाएगी। यशवंत राठौर, सीएमओ, शिवपुरी नपा

यह भी पढ़ें- ग्वालियर में देर रात पुलिस का एक्शन, अनैतिक गतिविधियों पर शिकंजा, महिला अफसरों ने खंगाले स्पा सेंटर और मसाज पार्लरों में रजिस्टर