
नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी। परिवहन विभाग के किराया बढा़ते ही बस ऑपरेटरों ने तत्काल किराए बढ़ा दिए, जो सफर 100 रुपए में होता था वो अब 200 रुपए का हो गया है। अगर लग्जरी बस में बैठ गए तो किराया 250 से 300 रुपए तक देना पड़ जाता है। क्योंकि बस ऑपरेटर यात्रियों का किराया कम करने के प्रति समझौता नहीं करते। जिस तरह से उनका ध्यान किराया बढ़ाने और मनमर्जी का किराया लेने पर है उस तरह का ध्यान यात्रियों या महिलाओं की सुरक्षा के प्रति नहीं है।
अगर होता तो बसों में जो पैनिक बटन अनिवार्य किया गया है वो लगे होते। शुरुआती तौर पर कुछ बस ऑपरेटरों ने पैनिक बटन तो लगाए लेकिन यह पैनिक बटन दिखावा बनकर रह गए, जो काम ही नहीं करते। जबकि पैनिक बटन बसों में अनिवार्य कर दिया गया है। अगर यह नहीं लगे होंगे तो बसों की फिटनेस तक नहीं हो सकेगी। नियमों की बात करें तो बस ऑपरेटरों ने बसों के गेटों पर न तो किराया सूची चस्पा करते हैं और न ही बसों में पैनिक बटन लगाए हैं।
सुरक्षा के प्रति अनदेखी होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी बस ऑपरेटरों पर मेहरबानी कर रहे हैं। अब त्योहारी सीजन चल रहा है और बस ऑपरेटरों की मनमर्जी भी खूब चल रही है।
त्योहारी सीजन में मनमर्जी का वसूलते हैं किराया
मध्य प्रदेश सरकार के परिवहन विभाग द्वारा अगस्त 2026 में जारी नए आदेश के अनुसार, सामान्य बसों का मूल किराया 2.00 प्रति यात्री प्रति किलोमीटर तय किया गया है और न्यूनतम टिकट का किराया 10.00 निर्धारित किया गया है। सामान्य बस, लग्जरी बस और डीलक्स बसों का किराया सुविधा के अनुसार अलग-अलग तय किया है। पहले यह किराया एक रुपए 25 पैसे प्रति किमी तय था। जिसे बढ़ा दिया गया है।
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लग्जरी बसों के बंकरों की हो जांच
खास बात यह है कि शिवपुरी से इंदौर, भोपाल, दिल्ली, कानपुर, जयपुर सहित बड़े शहरों के लिए लग्जरी बसों का संचालन होता है। कई बसें अंतरराज्यीय स्तर पर संचालित होती हैं। इन बसों में बड़े-बड़े बंकर बना दिए गए हैं। जिनमें भारी मात्रा में लगेज सप्लाई होता है। लग्जरी बसों की छत भारी लगेज से भरी होती हैं इसी तरह सीटों के नीचे के हिस्से में बनाए बंकरों में भारी लगेज भरा जाता है। इन बंकरों में क्या लाया ले जाया जा रहा है इसकी जांच पड़ताल करने में परिवहन या यातायात विभाग को कोई दिलचस्पी नहीं रहती। अगर होती तो बसों की लगातार जांच होती।
बसों में सुरक्षा के लिए यह जरूरी
बस के अंदर हमेशा फर्स्ट बॉक्स और आग बुझाने वाला यंत्र उपलब्ध होना चाहिए। बसों में इमरजेंसी गेट होना अनिवार्य है। पैनिक बटन लगाना अनिवार्य है। जिससे महिला या अन्य यात्री इमरजेंसी में हेल्प मांग सकें।
बसों का किराया बढ़ा दिया है तो यात्रियों को पता तो चले। इसलिए किराया सूची गेट पर चस्पा की जानी चाहिए। सुरक्षा के इंतजाम भी बसों में होना जरूरी हैं। अजय कुमार, निवासी शिवपुरी
त्योहारों में बसों को ओवरलोड भर लिया जाता है। सीटों से ज्यादा लोग भर लिए जाते हैं। किराया देते हैं पर टिकट नहीं देते। जब कहते हैं तो बीच में उतार देने की धमकी दे देते हैं। इस मनमर्जी पर अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए। राजकुमार, निवासी बैराड़
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