
CM Mohan Yadav in Ujjain: नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सिहस्थ 2028 को लेकर किए जाने वाले कामों और शिप्रा नदी शुद्धिकरण को लेकर संभागीय समीक्षा बैठक ली। वे विक्रमादित्य संकुल भवन में महाकुंभ सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के लिए विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत कार्य योजनाओं की समीक्षा की। इसके बाद सीएम मकोड़ियाआम में 100 करोड़ रुपये से बनने रेलवे प्रशिक्षण केंद्र का भूमि पूजन किया। महिदपुर के डोंगला गांव में स्थित वराह मिहिर खगोलीय वेधशाला में विज्ञानियों के साथ बैठक करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उज्जैन में रेलवे के मल्टी-डिसिप्लिनरी जोनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का भूमिपूजन
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) January 14, 2024
मालूम हो कि उज्जैन में चार साल बाद 2028 में शिप्रा किनारे महाकुंभ सिंहस्थ लगना है। प्रशासन ने महीनेभर के इस महाकुंभ में दुनियाभर से 30 करोड़ लोगों के आने का अनुमान जताया है। उस हिसाब से श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने और सड़कों को ट्रैफिक जाम से मुक्त रखने के लिए स्थानीय प्रशासन ने 170 पेज की ‘विकास योजना’ तैयार की है जिसका प्रस्तुतीकरण मुख्यमंत्री के समक्ष किया गया। हर प्रस्तावित योजना पर विस्तार से चर्चा की गई। चरणबद्ध तरीके से काम कराने के लिए सीएम विस्तृत कार्य योजना बनाने के निर्देश भी दिए।

प्रस्तावित कार्य योजना में मुख्य रूप से उज्जैन को जोड़ने वाले शेष छह मुख्य मार्गों को चौड़ा करने, इंदौर रोड को सिक्स लेन में परिवर्तीत करने, शिप्रा रीवर फ्रंट डेवपलमेंट करने, 116 इलेक्ट्रिक बसें संचालित कराने, महामृत्युंजय द्वार से त्रिवेणी संग्रहालय फोरलेन एलिवेटेड कारिडोर, छह नए पुल, दो फुट ओवर ब्रिज बनाने, नए सड़कों को चौड़ा करने, इंदौर-उज्जैन के बीच मेट्रो रेल संचालन कराने, कचरा प्रबंधन और शिप्रा नदी के जल की शुद्धी करने सहित सात हजार करोड़ रुपये के सैकड़ों काम प्रस्तावित हैं। अगले तीन माह में 5077 करोड़ रुपये के 106 काम पूरे कराने का दावा है।
- ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर के दर्शनार्थ इंदौर-भोपाल सड़क मार्ग के रास्ते आने वाले श्रद्धालुओं को सीधे मंदिर पहुंचाने के लिए 300 करोड़ रुपये खर्च कर महामृत्युंजय द्वार से त्रिवेणी संग्रहालय पार्किंग स्थल तक 3700 मीटर लंबा फोरलेन एलिवेटेड कारिडोर बनाना।
- 80 करोड़ रुपये से मेघदूत वन पार्किंग स्थल से श्री महाकाल महालोक के नंदी द्वार तक 500 मीटर लंबा और 150 करोड़ रुपये से इंदौरगेट रेलवे स्टेशन से हरिफाटक पुल तक 800 मीटर लंबा फुट ओवर ब्रिज बनाना।
- 116 करोड़ रुपये से महाकाल मंदिर के आसपास की सड़कों का विकास कराना।
- 153 करोड़ रुपये से रेलवे स्टेशन से महाकालेश्वर मंदिर तक रोप-वे बनाना।
- 84 करोड़ रुपये से 4.3 किलोमीटर लंबे महाकाल सवारी मार्ग को 15 से 24 मीटर चौड़ा कर हेरिटेज स्ट्रीज के रूप में विकसित कराना।
- 30 करोड़ रुपये से पंचकोशी यात्रा मार्ग के सात पड़ाव स्थलों पर बुनियादी कार्य कराना।
- देवास रोड फोरलेन सड़क परियोजना से छूटे हिस्से (नागझिरी से दताना तक) का 38 करोड़ 52 लाख रुपये से सड़क बनाना।
- कोर सिटी क्षेत्र में जनसंख्या घनत्व काे कम करने, उज्जैन विकास प्राधिकरण एवं हाउसिंग बोर्ड द्वारा नई टाउनशिप का विकास करने की भी योजना है।
सिंहस्थ- 2028 को ध्यान में रख तैयार की योजना में भारतीय जनता पार्टी के संकल्प पत्र (चुनावी घोषणा पत्र) और मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव की दूरद्ष्टिता की झलक दिखाई पड़ती है। प्रस्ताव, रूद्रसागर के सामने तकिया मस्जिद से सटी 2.135 हेक्टेयर जमीन पर 2000 वाहन पार्क कराने को मल्टीलेवल पार्किंग बनाने का भी है।
रिपोर्ट के अनुसार इस जमीन पर बने 253 मकानों का अधिग्रहण करने को पिछले वर्ष धारा 11 लागू कर धारा 21 का प्रकाशन हो चुका है। इस प्रोजेक्ट पर 150 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रशासन ने देवास गेट बस स्टैंड को मल्टीलेवल ट्रांजिट हब के रूप में नवीनीकरण करने, नानाखेड़ा बस स्टैंड का पुनर्विकास करने, बसाें के संचालन के लिए सड़कों काे चौड़ा करना प्रस्तावित किया है।
- माधव सेवा न्यास पार्किंग स्थल से चौबीस खंभा माता मंदिर तक। लंबाई 360 मीटर, चौड़ाई 24 मीटर।
- नरसिंह घाट ब्रिज तिराहे से रामघाट झलारिया मठ और बंबई धर्मशाला से रामघाट। लंबाई 450 मीटर, चौड़ाई 12 मीटर।
- गदा पुलिया से लालपुल ब्रिज तक। लंबाई 1463 मीटर, चौड़ाई 21से 24 मीटर।
- 48.90 किलोमीटर लंबे इंदौर-उज्जैन फोरलेन सड़क मार्ग को सिक्स लेन में तब्दिल करना।
- 95 किलोमीटर लंबे उज्जैन-नागदा-जावरा मार्ग को फोरलेन में तब्दिल करना।
- 34.49 किलोमीटर लंबे उज्जैन-मक्सी रोड को फोरलेन में तब्दिल करना।
- 14.3 किलोमीटर लंबे होटल शांति पैलेस तिराहे से जुड़े सिंहस्थ बायपास मार्ग को फोरलेन में तब्दिल करना।
- 30 किलोमीटर लंबे बिगरोदा-इंगोरिया मार्ग को टूलेन विद पेवशोल्डर में तब्दिल करना ।
- 30 किलोमीटर लंबे इंगोरिया-उन्हेल मार्ग को टूलेन विद पेव शोल्डर में तब्दिल करना।
सेतु निगम ने आठ पुल बनाना प्रस्तावित किया
- इंदिरा गांधी चौराहे से चामुंडा माता मंदिर चौराहे के बीच फ्रीगंज रेलवे ओवर ब्रिज के समान एक अन्य ब्रिज का निर्माण।
- जयसिंहपुरा से यंत्र महल मार्ग में रेलवे समपार क्रमांक 26 के स्थान पर रेलवे अंडर ब्रिज का निर्माण।
- नईखेड़ी रेलवे स्टेशन के पास फाेरलेन आरओबी का निर्माण।
- तीन बत्ती चौराहे से मुल्लापुरा चौड़ीकरण मार्ग पर समपार क्रमांक 8 एवं 25 के समानांतर टूलेन आरओबी का निर्माण।
- उज्जैन-मक्सी रोड पर आईटीआई के समीप पूर्व में निर्मित आरओबी के समानांतर टूलेन आरओबी का निर्माण।
- सुल्याखेड़ी गांव के पास शिप्रा नदी पर टूलेन उच्च स्तरीय पुल का निर्माण।
वर्तमान के दौर में हम अपनी आँखों से उस अद्भुत दृश्य को निहारेंगे, जब गर्भगृह में राम लला विराजमान होंगे... pic.twitter.com/cN28yWXi7f
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) January 14, 2024