
धीरज गोमे, नईदुनिया, उज्जैन। महाकाल की नगरी उज्जैन में इन दिनों पत्थरों और कंक्रीट से सड़कों के निर्माण के साथ आतिथ्य सत्कार की तैयारी की एक ऐसी पटकथा लिखी जा रही है, जो मिसाल बन गई है। देश-विदेश से आने वाले ‘अतिथियों’ (श्रद्धालुओं) के लिए उज्जैनवासियों ने सड़क चौड़ीकरण में अपनी संपत्ति को सहर्ष तुड़वाकर कह दिया है- ‘आतिथ्य के लिए आस्था, घर और व्यापार सब कुछ न्योछावर है।"
इसके पीछे नागरिकों का सिर्फ यही सोचना है कि मार्ग चौड़ा होगा, तो बाबा महाकाल के दरबार आने वाले किसी भी भक्त को कोई कष्ट नहीं होगा। यह आतिथ्य की ऐसी अनूठी परंपरा है, जो संपत्ति की हानि झेलकर भी उन्होंने निभाई है।
दरअसल, शहर में महाकुंभ सिंहस्थ 2028 में आने वाली भारी भीड़ को सुगम यातायात देने के लिए प्रशासन ने 64 मार्गों के चौड़ीकरण का मेगा प्लान शुरू किया तो लोगों ने इसका विरोध नहीं किया, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर अपनी पीढ़ियों पुराने घरों की दीवारें और दुकानें तोड़ दीं।
करीब 10 हजार संपत्तियों पर इस विकास कार्य का असर पड़ा है, जिनमें 3500 से अधिक लोगों के पक्के घर, होटल और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए हैं। कई मामलों में, जिस दुकान से परिवार का चूल्हा जलता था, जिस घर के आंगन में बच्चों की किलकारी गूंजी थी, उसे तोड़ने के लिए उसके मालिक ही स्वयं हथौड़ा लेकर खड़े हो गए। इनमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हैं।
इस त्याग की गाथा में केवल आम नागरिक ही नहीं, बल्कि धार्मिक स्थल भी पीछे नहीं रहे। शहर के विभिन्न मार्गों पर आने वाले लगभग 80 धर्मस्थलों (मंदिर और अन्य धार्मिक स्थल) के प्रबंधकों ने भी आपसी सहमति और बड़े दिल का परिचय देते हुए अपने परिसरों के बाधक हिस्सों की छत, दीवार और मीनार तक को हटाने की सहमति दी।
यह भी पढ़ें- उज्जैन स्थित वैश्य टेकरी की जीपीआर स्कैनिंग के बाद अब मैनिट के विशेषज्ञ तैयार करेंगे रिपोर्ट
उज्जैन के कलेक्टर रौशन कुमार सिंह बताते हैं कि इस ऐतिहासिक बदलाव में शहर के अति-व्यस्त माने जाने वाले महाकाल, गोपाल मंदिर एवं कंठाल से लेकर कालभैरव और बिजासन माता मंदिर तक मार्गों का कायाकल्प हो रहा है। कभी इन तंग गलियों में एक साथ दो गाड़ियों का निकलना मुश्किल होता था, वहीं अब चौड़ी सड़कों पर यातायात फर्राटा भरेगा।
रिकार्ड्स में इन 64 मार्गों के चौड़ीकरण को अब तक का सबसे बड़ा और सफल ढांचागत परिवर्तन माना जा रहा है। सिंहस्थ-2004 के समय उज्जैन शहर में दो प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण हुआ था। वर्ष 2016 के सिंहस्थ में चार मार्गों को चौड़ा किया गया।
यह भी पढ़ें- सिंहस्थ 2028 के दौरान उज्जैन में श्रद्धालुओं को होल्डिंग एरिया में रोकेंगे, पांच रेलवे स्टेशनों पर तैयारियां