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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ujjain Digital Arrest: उज्जैन के महंत से हुई थी 71 लाख की ठगी… इंदौर से पकड़ाए 4 आरोपियों ने उगले राज, पुलिस भी हैरान

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित रामकृष्ण मिशन आश्रम के महंत के साथ 12 नवंबर को ठगी हुई थी। अपराधियों ने उन्हें ड्रग्स केस की झूठी कहानी सुनाकर डराया था। अ...और पढ़ें

By Arvind DubeyEdited By: Arvind Dubey
Publish Date: Thu, 12 Dec 2024 06:35:00 AM (IST)Updated Date: Thu, 12 Dec 2024 07:18:51 AM (IST)
Ujjain Digital Arrest: उज्जैन के महंत से हुई थी 71 लाख की ठगी… इंदौर से पकड़ाए 4 आरोपियों ने उगले राज, पुलिस भी हैरान
अन्य आरोपियों की तलाश में इंदौर और उज्जैन पुलिस छापेमार कार्रवाई कर रही है। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. तीन अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस
  2. 23 लाख की राशि बैंक में होल्ड करवाई
  3. किराए के बैंक खातों का भी पता चला

नईदुनिया, उज्जैन। स्थानीय रामकृष्ण मिशन आश्रम के महंत को एक माह पूर्व डिजिटल अरेस्ट कर 71 लाख रुपये ठगने के मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही 23 लाख रुपये की राशि ठगी के उपयोग में लगाए गए बैंक खाते में होल्ड करवाई है।

पुलिस मामले में तीन अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि रामकृष्ण मिशन आश्रम, नानाखेड़ा के महंत को 12 नवंबर को दोपहर करीब चार बजे किसी अपरिचित महिला ने फोन किया था।

ड्रग्स वाले पार्सल की कहानी… 24 घंटे रखा था डिजिटल अरेस्ट

  • महिला ने बताया कि वह एक कोरियर कंपनी की मुंबई शाखा से बात कर रही है। महंत के नाम से कथित तौर पर एक ड्रग पार्सल मुंबई से ताइवान भेजा गया था। वह वापस मुंबई आ गया है।
  • इसके बारे में सीबीआई द्वारा पूछताछ की जा रही है। महंत को बोला गया कि आप पर कार्रवाई की जा रही है। महंत ने महिला से कहा कि उन्होंने कोई पार्सल बुक नहीं किया है।
  • इस पर महिला ने मोबाइल पर एक एप्लीकेशन डाउनलोड करवाकर ऑनलाइन तथा कथित अंधेरी पुलिस थाने से संपर्क करवाया। वहां बैठे कुछ लोगों ने बात करते हुए महंत पर कार्रवाई की बात कही।
  • महंत को ठगों ने धमकाया और उन्हें 24 घंटे मोबाइल अपने पास रखने के लिए मजबूर किया। इसके बाद महंत पर दबाव बनाकर उनके यस बैंक खाते से 59 लाख एवं आईसीआईसीआई बैंक से 12 लाख रुपये ऑनलाइन जमा करवा लिए।

  • डिजिटल अरेस्ट की घटना से महंत की तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें सेवादारों ने इंदौर में भर्ती करवाया था। सेवादारों ने ही डिजिटल अरेस्ट के बारे में एसपी प्रदीप शर्मा को जानकारी दी थी। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की थी।
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    23 लाख रुपये पुलिस ने करवाए होल्ड

    एसपी शर्मा ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट की जानकारी लगने के बाद पुलिस ने 71 लाख में से 23 लाख रुपये यस बैंक में होल्ड करवा दिए थे। बाकी रुपये विभिन्न बैंकों के खातों में ट्रांसफर कर दिए गए थे।

    ठगी के रुपये में से करीब 9.79 लाख रुपये महेश पुत्र रमेश कुमार फतेचंदानी की एसबीआई बैंक की शाखा पलसीकर कॉलोनी इंदौर में ट्रांसफर हुए थे।

    पुलिस ने जांच के बाद महेश पुत्र रमेश कुमार फतेहचंदानी निवासी खातीवाला टैंक इंदौर, मयंक पुत्र मनोज कुमार सेन उम्र 26 वर्ष निवासी अशोक विहार कॉलोनी राऊ इंदौर, यश पुत्र मुकेश अग्रवाल निवासी द्वारकापुरी इंदौर को गिरफ्तार किया था।

    तीनों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने ठगी के रुपये अपने बैंक खातों से निकालकर सतवीर पुत्र प्रदीप राजपूत निवासी इंदौर को दिए हैं। इस पर पुलिस ने सतवीर को भी गिरफ्तार कर लिया।

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    बैंक खातों के बदले मिला था कमीशन

    सतवीर ने तीनों युवकों को उनके बैंक खातों में रुपये जमा करवाने व निकालकर देने के एवज में कमीशन के रूप में 19 हजार 500 रुपये दिए थे। सतवीर ने पुलिस को बताया कि ऑनलाइन ठगी से मिले रुपये उसने अपने साथी विशाल पुत्र लक्ष्मण पटेल निवासी विजय नगर इंदौर तथा चेतन पुत्र नरेश सिसोदिया निवासी इंदौर को दिए थे।

    दोनों ने ठगी के रुपयों को ऑनलाइन एप्लीकेशन बायनेंस के वॉलेट पर यूएस करेंसी में कन्वर्ट कर अन्य आरोपियों को भेज दिया। पुलिस विशाल व चेतन की तलाश में जुटी है। विशाल और चेतन की गिरफ्तार के बाद अन्य आरोपियों के बारे में भी पता चलेगा।

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