
नईदुनिया प्रतिनिधि, उमरिया। मैहर जिले के जंगलों में विचरण कर रहे जंगली हाथियों से बढ़ते खतरे के बीच बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम दो प्रशिक्षित हाथियों के साथ गोर्सरी गांव पहुंच गई है।
टीम के पहुंचने के बाद अब क्षेत्र में घूम रहे जंगली हाथी को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने की संभावना बढ़ गई है। वन विभाग की टीम लगातार हाथी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
बताया जा रहा है कि, मैहर जिले के कैलहरी गांव में जंगली हाथी ने एक व्यक्ति पर हमला कर उसे कुचल दिया। घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। हाथी के लगातार आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास पहुंचने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
वन विभाग ने लोगों से जंगल और हाथियों की संभावित आवाजाही वाले क्षेत्रों में नहीं जाने तथा हाथी दिखाई देने पर उससे दूरी बनाए रखने की अपील की है।
बांधवगढ़ से पहुंची विशेष टीम
हाथी को सुरक्षित तरीके से काबू करने और रेस्क्यू करने के उद्देश्य से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की विशेष रेस्क्यू टीम को मैहर भेजा गया है। टीम अपने साथ दो प्रशिक्षित हाथियों को लेकर गोर्सरी गांव पहुंची है। प्रशिक्षित हाथियों की मदद से जंगली हाथी को नियंत्रित करने की कार्रवाई की जा सकती है।
वन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती जंगली हाथी को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की है। इसके लिए हाथी की लोकेशन, उसके व्यवहार और आसपास के भौगोलिक क्षेत्र का लगातार आकलन किया जा रहा है।
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निगरानी बढ़ी
कैलहरी में हुई घटना के बाद वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। हाथी किस दिशा में बढ़ रहा है, इसका पता लगाने के लिए टीम उसके पदचिह्न और गतिविधियों पर नजर रख रही है। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो बांधवगढ़ की रेस्क्यू टीम प्रशिक्षित हाथियों की सहायता से जंगली हाथी को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर सकती है। हालांकि, अंतिम कार्रवाई हाथी की स्थिति और मौके की परिस्थितियों का आकलन करने के बाद ही तय की जाएगी।
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