
MP News: संजय कुमार शर्मा, उमरिया। कुछ वर्ष पहले मध्य प्रदेश शासन के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के जंगलों में बफर का सफर योजना की घोषणा की थी। इस योजना का उद्देश्य पर्यटकों को तफरीह का ज्यादा विकल्प देना तो था ही साथ ही जंगल के आसपास बसे ग्रामीणों के लिए रोजगार का सृजन करना भी था।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के बफर जोन में सफारी तो कराई जा रही है लेकिन इसके अलावा बफर में सफर की गतिविधियां पूरी तरह से शून्य है। बांधवगढ़ में इन गतिविधियों को एक बार फिर से संचालित करने के लिए प्रयास शुरू किया गया है।
इसके लिए डिप्टी फील्ड डायरेक्टर पीके वर्मा ने वन विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा है। पत्र में सभी स्थितियों का पूरा विवरण दिया गया है। नईदुनिया से चर्चा करते हुए डिप्टी फील्ड डायरेक्टर पीके वर्मा ने बताया कि यदि बफर में सफर की गतिविधियां संचालित होती हैं तो इसका फायदा पर्यटकों से लेकर ग्रामीणों तक सभी को मिलेगा।
यह गतिविधियां होंगी संचालित
बफर में नेचर वाक कराया जाएगा, जिसके लिए पैदल गाइड भी होंगे जो जंगल के बारे में पर्यटकों को जानकारी देंगे। नेचर एडवेंचर कैंप लगाए जाएंगे जिसमें पर्यटकों को अपनी तरह का रोमांच उपलब्ध होगा।
एयर सफारी कराई जाएगी, जिससे ग्लाइडर और सिंगलसीट हेलीकाप्टर के माध्यम से पर्यटक ऊपर से जंगल देख सकेंगे। स्काई वाक की भी व्यवस्था बांधवगढ़ के पनथा सफारी में है, लेकिन उसे अभी तक चालू नहीं किया जा सका है। नाइट वाइल्ड कैंप का रोमांच भी पर्यटकों को मिल सकेगा। इसके साथ ही कई अन्य गतिविधियों के संचालन की सिफारिश की गई है।
पनपथा में स्काई वाक
इन गतिविधियों के लिए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा में पहले सफारी का निर्माण कराया गया था, लेकिन यह पूरी तरह से संचालित नहीं हो पाई। कुछ साल पहले बड़ी राशि खर्च करके पनपथा में स्काई वाक के लिए संसाधन जुटाए गए थे। इसके तहत पनपथा के जंगल में जंगल से काफी ऊंचाई पर वाक के लिए वृक्षों से ज्यादा ऊंचाई पर ट्रैक बनाया गया था। पर इसका कोई भी लाभ पर्यटकों को नहीं मिल सका।
बफर में सफर की घोषणा के बाद पनपथा में ही गुब्बारे से पर्यटकों को स्काई वाच कराने की व्यवस्था भी कराई गई थी लेकिन उसका संचालन भी कई कारणों से बाद में बंद कर दिया गया। डिप्टी फील्ड डायरेक्टर पीके वर्मा का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों के संचालन से पर्यटकों का रुझान बांधवगढ़ की तरफ और भी ज्यादा होगा।
बफर में सफर योजना के अंतर्गत बफर जोन में गतिविधियों के संचालन से स्थानीय लोगों को काफी लाभ मिलेगा। नेचर वाक के दौरान स्थानीय लोग पैदल गाइड का काम कर सकेंगे। उन्हें स्टे होम योजन का भी फायदा होगा।
इसके अलावा स्थानीय व्यंजन भी वे पर्यटकों को परोस सकेंगे। पर्यटकों के यहां आने से अन्य लाभी भी स्थानीय निवासियों को होगा। स्थानीय लोगों को होने वाले लाभ पर आधारित योजना पर ही बफर में सफर की परिकल्पना सरकार ने भी की थी।