
नईदुनिया प्रतिनिधि, विदिशा। विदिशा में दौड़ रहे ऑटो वाहनों में अब मीटर लगवाए जाएंगे। इसके लिए आरटीओ ने भी सख्ती शुरू कर दी है। इन वाहनों में मीटर लग जाने के बाद यात्रियों को भी राहत मिल सकेगी, उन्हें तय किराया ही देना पड़ेगा। अधिकारियों का कहना है कि यात्री ऑटो वाहनों में नियम अनुसार मीटर लगवाना ही चाहिए, लेकिन यहां पर कभी सख्ती नहीं की गई जिसके चलते शहर में एक भी ऑटो में मीटर नहीं है, लेकिन सख्ती के बाद अब जरूर आठ से 10 आटो चालकों ने मीटर लगवा लिए हैं।
बता दें कि ऑटो में किराए को लेकर पिछले कई सालों से विवाद की स्थिति बनती रही है। सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में कई बार किराए के अलावा यात्रियों की सुरक्षा को लेकर अनेक निर्णय लिए गए, लेकिन पालन कभी नहीं हुआ। इस बार आरटीओ ने बगैर मीटर लगवाए परमिट देने से साफ मना कर दिया है जिसके चलते आटो चालकों में नाराजगी है। इस समस्या को लेकर वह पिछले दिनों एसएटीआई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर से भी मिल चुके हैं। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में मीटर लगवाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद आरटीओ और सख्त हो गया है।
ऑटो चालक संगमलाल सोनी और सुखदेव शर्मा का कहना है कि उन्हें परमिट नहीं मिल रहा था, मजबूर होकर उन्हें मीटर लगवाना पड़ा है। आरटीओ गिरजेश वर्मा का कहना है कि यदि परमिट चाहिए तो मीटर लगवाना पड़ेगा। पहले चार माह का परमिट बनाकर देते थे, लेकिन अब हम पांच साल का परमिट बनाकर दे रहे हैं। मीटर लगवाकर नापतौल विभाग से सर्टिफिटेक लाना पड़ेगा। इसके बाद ही परमिट मिल सकेगा।
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इधर ऑटो यूनियन के अध्यक्ष नारायण शर्मा का कहना है कि पूरा शहर मात्र पांच किलोमीटर के दायरे में फैला है, यहां पर मीटर की जरूरत नहीं है। इसलिए मीटर को लेकर अनिवार्यता खत्म होना चाहिए। मीटर के लिए कम से कम 15 किलोमीटर का क्षेत्र होना चाहिए। उन्होंने बताया कि मीटर लगवाने से लेकर सभी कागजात दुरुस्त कराने में 15 हजार रुपये से अधिक का खर्च आ रहा है। कई ऑटो चालकों को दिन भर में 100 रुपये भी कमाई नहीं होती वह इतनी राशि कैसे खर्च कर सकेंगे।