Epileptic Fit: सड़क पर किसी को मिर्गी का झटका आता दिखे तो उसे करवट से लेटा दें
Epileptic Fit: लोग इसके महंगे इलाज, भ्रांतियां और अन्य टोटकों की वजह से इसमें देरी कर देते हैं, जिस वजह से बीमारी और बढ़ती है। ...और पढ़ें
By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Sun, 11 Jun 2023 08:21:40 AM (IST)Updated Date: Sun, 11 Jun 2023 08:21:40 AM (IST)

Epileptic Fit: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मिर्गी रोग में शरीर में झटके आते हैं। इसमें दो प्रकार से झटके आते हैं। पूरे शरीर में यदि झटके आते हैं तो इसे पहचानना आसान होता है, लेकिन कई बार आंखों से एक जैसे देखते रहना, हाथों की हथकड़ी बन जाना, मुंह से छाग निकलता है। ऐसे में कई बार मिर्गी को पहचान पाना मुश्किल होता है।
यदि किसी को सड़क पर मिर्गी का झटका आता दिखे तो उसे करवट से लेटा दें। इससे वह थोड़ी देर में ठीक हो जाएगा। यदि पांच-दस मिनट के बाद भी झटके बंद नहीं हो रहे हो तो ऐसे में तुरंत अस्पताल लेकर जाना चाहिए। कई लोग मिर्गी आने पर जूते सुंघाते हैं। उन्हें लगता है कि इससे ठीक हो जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं होता है। किसी भी मिर्गी मरीज का अपमान नहीं करना चाहिए।
न्यूरोलाजिस्ट डा. अर्चना वर्मा ने बताया कि मिर्गी के मरीजों को भी स्कूल में आम बच्चों की तरह ही शिक्षा मिलनी चाहिए। समाज में उनके साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करना चाहिए। नौकरी भी करनी चाहिए, लेकिन कोई भारी वजन उठाने जैसा काम नहीं करना चाहिए। मिर्गी कभी भी छूने से नहीं फैलती है, कई लोगों में इसे लेकर गलत भ्रांतियां हैं। मिर्गी के मरीजों को दवाइयां बिल्कुल समय पर लेना चाहिए। समय पर खाना और सोना भी चाहिए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
कई बार लोग मिर्गी के शुरुआती लक्षण में भी डाक्टर के पास नहीं आते हैं। लोग इसके महंगे इलाज, भ्रांतियां और अन्य टोटकों की वजह से इसमें देरी कर देते हैं। जिस वजह से बीमारी और बढ़ जाती है। यदि शुरुआती लक्षण में ही विशेषज्ञ के पास मरीज पहुंच जाता है तो उसे बेहतर उपचार मिल जाता है। लोगों को इस बीमारी को भी गंभीरता से लेते हुए समय पर इलाज करवाने की आवश्यकता है।