
Monsoon Health Tips हेल्थ डेस्क, इंदौर। बारिश के मौसम में बैक्टीरिया और मच्छरों से होने वाली बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है। इसके साथ ही सर्दी-जुकाम जैसी संक्रामक बीमारियां भी एक व्यक्ति से दूसरे को होने का खतरा बढ़ जाता है। इनसे बचाव के लिए हमें इम्यूनिटी बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।
इस मौसम में बीमारियों से बचाव के लिए हमें सबसे पहले, तो हाईजीन यानी साफ-सफाई का बहुत ध्यान देना चाहिए। घर से निकलते समय पानी लेकर चलें। बाहर कहीं भी खुले या दूषित पानी का इस्तेमाल नहीं करें। इस बात का भी ध्यान रखें कि जिस बर्तन में हम पानी रखते हैं, उसे साफ रखें।
इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए नियमित हल्दी वाला दूध पीना चाहिए। यह काफी फायदेमंद होता है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन तत्व शरीर के मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखता है, जिससे पाचन तंत्र सही रहता है। दरअसल, पेट के खराब होने से भी कई तरह की बीमारियां होती हैं। इसके अलावा सब्जी और दाल बनाने के दौरान में लौंग डालें। यह पाचन को सही रखती है और कफ से राहत दिलाती है। इसे खाने से गैस, उल्टी आदि जैसी समस्याएं नहीं होती।
इसके अलावा खाने में दालचीनी का उपयोग कर सकते हैं। इसमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-वायरल गुण भी होते हैं, जो कवक के कारण होने वाले कई संक्रमणों को ठीक करने और रोकने में मदद करती है। इसके साथ ही यह इम्यूनिटी को भी बढ़ाती है।
इस मौसम में सब्जी और फलों में कीड़े भी आने लगते हैं। इसलिए हमेशा इन्हें अच्छे से धोने के बाद ही उपयोग में लेना चाहिए। सब्जियां यदि अच्छी नहीं आ रही हैं, तो आप राजमा, चना, दूसरी दालों को इनके विकल्प के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।
इस मौसम में खासकर हमें बाहर का बना खाना बिल्कुल भी नहीं खाना चाहिए। दरअसल, बारिश के मौसम में कीट-पतंगों की संख्या बढ़ जाती है। लाइट के कारण कीड़े-मकौड़े, कॉकरोच आदि भी काफी संख्या में निकलते हैं। ऐसे में होटल, रेस्टोरेंट या स्ट्रीटफूड बनाने में साफ-सफाई का बेहतर ध्यान नहीं होने के चलते इसे खाने से बीमारियां घेर सकती हैं। हमेशा घर का पौष्टिक आहार ही हमें खाना चाहिए।
खानपान का समय भी निर्धारित रखना चाहिए। शाम को जल्दी भोजन कर लेना वैसे तो हर मौसम में ही अच्छा होता है। मगर, खासतौर पर बारिश के मौसम में यह फायदेमंद होता है। हमेशा ऐसा खाना चाहिए, जिससे वजन नियंत्रण में रहे। शाम का भोजन जितना हल्का होगा, उतनी ही जल्दी पचेगा। इससे शरीर को रातभर उसे पचाने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी होगी।