
डिजिटल डेस्क, इंदौर। World Food Safety Day: डॉक्टर कहते हैं कि शरीर में होने वाली आधे से अधिक बीमारियां अशुद्ध या दूषित खानपान के कारण होती हैं। मिलावट भरी खाने पीने की चीजें कई बार स्वाद में अच्छी हो सकती हैं, लेकिन शरीर के लिए काफी घातक होती हैं। वहीं, कुछ दुकानदार थोड़ा-सा मुनाफा कमाने के लिए उन चीजों में भी जमकर मिलावट करते हैं जो हमारे घर की रसोई में रोजाना ही उपयोग में लाई जाती हैं। जिनमें मुख्य रूप से दूध , घी, पनीर , मसाले सहित अन्य खाद्य सामग्री शामिल हैं।
अब ऐसे में सवाल उठता है कि आम व्यक्ति के लिए घर पर इस बात की जांच करना संभव हैं कि खाने पीने की चीजों में मिलावट है अथवा नहीं ? तो बता दें कि ऐसा संभव है। कुछ घरेलू नुस्खो की मदद से घर पर ही बड़ी आसानी से इस बात की जांच की जा सकती है कि खाने पीने की चीजों में मिलावट है अथवा नहीं । जानिए कौन से ऐसे नुस्खे हैं जो मिलावट का पता लगाने में मदद करते हैं।
दूध में मिलावट के तौर पर डिटर्जेंट मिलाया जाता है जिससे इसकी पहचान की जा सकती है। इसके लिए दूध को एक काच की परखनली या बोतल में लें और उतनी ही मात्रा में पानी मिला लें । अब इसे हिलाकर देखें , अगर झाग बन रहा है तो दूध में मिलावट की गई है। पनीर की पहचान करने के लिए उसमें टिंचर आयोडीन के घोल की एक- दो बूंद डालकर देखें, अगर उसका रंग बैंगनी हो जाता है तो उसमें मिलावट है।
मावे में मिलावट को पहचानने के लिए पहले थोड़ा सा मावा उंगलियों पर ले और उसे मसल कर देखें , अगर मावे में चिकनाहट है तो वह सही है। इसके अलावा मावे के एक हिस्से में आयोडीन की एक दो बूंद डाल कर देखें । ऐसा करने पर मावे का रंग बदल कर बैंगनी हो जाता है तो मावे में मिलावट है ।
गरम मसाले में आमतौर पर लकड़ी का बुरादा कुछ मात्रा में मिलाया जाता है। इसको पहचानने के लिए एक कांच के गिलास में पानी भर कर एक चम्मच गरम मसाला डाल देना है। शुद्घ होने पर गरम मसाला बहुत हल्का रंग छोड़ेगा और पानी में तैरता रहेगा , वहीं मिलावट होने पर लकड़ी का बुरादा रंग भी छोडेगा और गिलास के तले में भी बैठ जाएगा।
खाने पीने में अधिकरतर हरी मटर का उपयोग किया जाता है। अब इसमे मिलावट की पहचान करने के लिए कांच के गिलास में थोड़ी सी हरी मटर डालें और अब इस गिलास को पानी से आधा भर दें। अगर हरी मटर शुद्घ है तो रंग नहीं छोड़ेगी और पानी का रंग भी नहीं बदलेगा। लेकिन अगर मटर पालिश वाली है तो उस मटर का रंग निकल कर पानी का रंग बदल देगा।
रसोई में सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाले नमक और हल्दी में भी मिलावट हो सकती है। इसकी पहचान करने के लिए कांच के एक गिलास में थोड़ा पानी लें। हल्दी की पहचान के लिए हल्दी पाउडर उस पानी में डालें । अगर शुद्ध हल्दी है तो पानी हल्का पीला होगा और हल्दी गिलास की सतह पर बैठ जाएगी। वहीं मिलावट होने पर रंग ज्यादा पीला हो जाएगा और हल्दी के कण सतह पर बैठेंगे और रंग के अवशेष तैरते रहेंगे। नमक के लिए भी यही प्रक्रिया अपनानी है। शुद्ध नमक घुल जाएगा और मिलावट होने पर पानी में अवशेष दिखेंगे और रंग मटमैला हो जाएगा।