Yog Aasan: रोजाना सूर्य नमस्कार करने से शरीर के सभी अंग होते हैं मजबूत
योग विशेषज्ञों ने बताया कि सूर्य नमकस्कार के 12 स्टेप करने से शरीर के मांसपेशी से लेकर हड्डी में दर्द व कब्ज की समस्या से ...और पढ़ें
By Manoj Kumar TiwariEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Sat, 22 Apr 2023 11:05:00 AM (IST)Updated Date: Sat, 22 Apr 2023 11:05:00 AM (IST)

Yog Aasan: प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करने से सभी अंग मजबूत होता है। रोगों से राहत मिलेगी। सुबह के सूर्योदय के समय सूर्य नमस्कार करने से शारीरिक रूप से फायदा तो मिलेगा ही साथ ही अध्यात्मिक रूप से भी फायदा मिलता है। यह आसन करने से शरीर के सभी अंगों पर प्रभाव पड़ता है। नकारात्मक चिजें शरीर से बाहर निकलती है। इसके बाद पूरे समय स्वस्थ्य महसूस होता है।
योग विशेषज्ञों का कहना है कि प्रार्थना मुद्रा करने से तनाव और चिंता को कम करने में मदद मिलती है। ये पहले तो तंत्रिका तंत्र को शांत करता है और शारीरिक संतुलन बनाने में मदद करता है। हस्त उत्तानासन आसन से शरीर की टोनिंग करने में मददगार है। ये पेट की मांसपेशियों को स्ट्रेच और टोन करता है। हस्तपादासन करने से हैमस्ट्रिंग को स्ट्रेच करते हुए पैरों, कंधों और बाहों की मांसपेशियों को भी खोलता है।
अश्व संचालनासन करने से पैर और रीढ़ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। ये पेट की समस्या अपच और कब्ज की समस्या दूर करती है। पर्वतासन से मन शांत होता है। ये फैट बर्म करता है और शरीर की चर्बी पचाता है। ये शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सही करता है और फेफड़ों को मजबूती देता है।
अष्टांग नमस्कार इम्यूनिटी बूस्टर है और शरीर को मौसमी बीमारियों से बचाने में मदद मिलता है। यह पीठ और रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन को बढ़ाता है। भुजंगासन कंधों, छाती, पीठ और पैरों की मांसपेशियों को फैलाता है। साथ ही वजन कम करने में फायदेमंद है।
दंडासन से कंधे और छाती को मजबूत बनाने में मददगार है। ये शरीर की मुद्रा में सुधार लाता है। हस्तपदासन से करने से अनिद्रा दूर होती है। ये चिंता और एंग्जायटी की स्थिति में फायदेमंद है।हस्त उत्तानासन से शरीर की आलस दूर होती है।
यह अस्थमा, पीठ के निचले हिस्से में दर्द और थकान जैसी बीमारियों में फायदेमंद है। यह पाचन में भी मदद करता है। छाती का विस्तार करता है, शरीर में आक्सीजन का सर्कुलेशन सही रहता है। ताड़ासन से जांघों, घुटनों और टखनों को मजबूत करता है।