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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 25, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बाड़मेर पुलिस ने आम लोगों के विशेष पूजा-अनुष्ठान पर नहीं लगाई थी पाबंदी, हिंगलाज माता मंदिर का मामला

पुलिस ने बताया है कि यह प्रतिबंध आम लोगों पर नहीं बल्कि उन दो गुटों के विशेष धार्मिक आयोजन पर लगाया गया था, जिनके बीच पहले से विवाद चल रहा है। जानिए क...और पढ़ें

By Arvind DubeyEdited By: Arvind Dubey
Publish Date: Sun, 25 Sep 2022 01:30:20 PM (IST)Updated Date: Sat, 01 Oct 2022 12:18:24 PM (IST)
बाड़मेर पुलिस ने आम लोगों के विशेष पूजा-अनुष्ठान पर नहीं लगाई थी पाबंदी, हिंगलाज माता मंदिर का मामला

नवरात्रि के शुरू में खबर आई थी कि जोधपुर संभाग के बाड़मेर जिले में स्थित हिंगलाज माता के मंदिर में विशेष पूजा-अनुष्ठान पर रोक लगा दी गई है। अब इस मामले में पुलिस ने बताया है कि यह प्रतिबंध आम लोगों पर नहीं बल्कि उन दो गुटों के विशेष धार्मिक आयोजन पर लगाया गया था, जिनके बीच पहले से विवाद चल रहा है। नवरात्रि के दौरान विशेष अनुष्ठान पर प्रतिबंध की अपुष्ट खबर आने के बाद भाजपा नेता राजस्थान की गहलोत सरकार पर हमलावर हो गए थे। सोशल मीडिया पर तरह-तरह के कमेंट कर गहलोत सरकार को हिंदू विरोधी बताया जा रहा है। बहरहाल, फैक्ट चेक में खबर गलत साबित हुई है।

भ्रामक पत्र जारी होने पर सामने आई थी ये रिएक्शन

तब पत्र के वायरल होने के साथ ही बाड़मेर पुलिस और राजस्थान की गहलोत सरकार निशाने पर आ गए थे। पूर्व सांसद तरुण विजय ने ट्वीट के जरिए कहा था कि 'ये हिंदुओं के लिए काला दिन है। जो बाजवा और शहबाज ने बलूचिस्तान के हिंगलाज माता मंदिर में नहीं किया वो गहलोत राजस्थान के हिंगलाज माता के मंदिर में कर रहे हैं। जितना हो सके उतना प्रदर्शन करिए।' पत्र के वायरल होने के साथ ही बयानबाजी का दौर भी जारी हो गया था। लोग इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देख रहे थे।


Disclaimer: इस खबर में तथ्यात्मक त्रुटियां थीं, जिन्हें सुधारने के बाद पूरे समाचार को अपडेट करके पुन: प्रकाशित किया गया है।