
डिजिटल डेस्क। भारत की पहली Vande Bharat Sleeper Train का संचालन हावड़ा-कामाख्या रूट पर शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बीते शनिवार को उद्घाटन की गई यह ट्रेन न केवल अपनी शानदार यात्रा, बल्कि अपने विशेष 'फूड मेन्यू' के लिए भी चर्चा में है। आइए जानते है कि इस ट्रेन के फूड मेन्यू (Vande Bharat Sleeper Train Food Menu) में क्या खास है...
इस ट्रेन का मेन्यू आईआरसीटीसी (IRCTC) ने गुवाहाटी के मेफेयर स्प्रिंग वैली रिसॉर्ट के साथ मिलकर तैयार किया है, जिसमें बंगाल और असम के पारंपरिक स्वादों का संगम देखने को मिलेगा।
यात्रा के दौरान यात्रियों को पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत की पहचान से रूबरू कराने के लिए मेन्यू में क्षेत्रीय विशिष्टता और ताजी सामग्रियों पर ध्यान दिया गया है।
.jpg)
AI Generated Image
बंगाल का स्वाद: यात्रियों को बंगाल के प्रसिद्ध व्यंजन जैसे बसंती पुलाव, छोलार दाल, मूंग दाल, छानार (पनीर) और धोकर जैसी पारंपरिक चीजें परोसी जाएंगी। इन व्यंजनों को हल्का और कम मसालेदार रखा गया है ताकि रात के सफर में यह सुपाच्य और आरामदायक रहें।
असम की परंपरा: असम की पाक कला का प्रतिनिधित्व करने के लिए मेन्यू में जोहा चावल, माटी मोहोर, मसूर डाली और मौसमी सब्जियों की भाजी शामिल की गई है। इसमें स्थानीय उपज और सौम्य स्वादों पर जोर दिया गया है।
मीठे में खास: भोजन का समापन पारंपरिक मिठाइयों के साथ होगा, जिसमें संदेश, नारिकोल बर्फी (नारियल की बर्फी) और रसगुल्ला जैसे लोकप्रिय विकल्प शामिल हैं।
मेफेयर स्प्रिंग वैली रिसॉर्ट के एमडी रतन शर्मा के अनुसार, इस मेन्यू को सिर्फ भूख मिटाने के लिए नहीं, बल्कि यात्रियों को एक प्रामाणिक क्षेत्रीय अनुभव देने के लिए डिजाइन किया गया है। उनका लक्ष्य आधुनिक खान-पान की उम्मीदों को पूरा करते हुए उत्तर-पूर्व भारत की विशिष्ट खाद्य संस्कृति को हर भोजन के माध्यम से प्रदर्शित करना है।
दूरी और कोच: यह भारत की पहली ओवरनाइट (रात भर की) वंदे भारत सेवा है, जो हावड़ा और कामाख्या के बीच लगभग 1,000 किमी की दूरी तय करती है। इस पूरी तरह वातानुकूलित ट्रेन में 16 कोच हैं (फर्स्ट एसी, सेकंड एसी और थर्ड एसी), जिसमें 823 यात्री सफर कर सकते हैं।
आधुनिक तकनीक: ट्रेन में एर्गोनोमिक बर्थ, ऑटोमैटिक दरवाजे, शोर कम करने वाली प्रणाली (Noise-reduction), उन्नत सस्पेंशन और सुरक्षा के लिए 'कवच' एंटी-कोलिजन तकनीक दी गई है।
रफ्तार: 130 किमी/घंटा की गति से चलने वाली यह ट्रेन पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ यात्रियों को एक आरामदायक और विश्वसनीय विकल्प प्रदान करती है।
यह भी पढ़ें- खत्म हुआ इंतजार... देश को मिली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात, पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी, इतना होगा किराया