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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ट्रेन से कर सकेंगे काठमांडू तक का सफर, 141 किमी लंबी रेल लाइन बिछाने की तैयारी

India Nepal Rail Line: भारत और नेपाल को रेल के जरिए जोड़ने की तैयारी, कोंकण रेलवे ने किया ट्रैक को लेकर सर्वे।

By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Sun, 17 Sep 2023 09:15:56 PM (IST)Updated Date: Sun, 17 Sep 2023 09:22:35 PM (IST)
ट्रेन से कर सकेंगे काठमांडू तक का सफर, 141 किमी लंबी रेल लाइन बिछाने की तैयारी
भारत नेपाल रेल लाइन प्रोजेक्ट।

HighLights

  1. कोंकण रेलवे ने रेल लाइन बिछाने को लेकर किया सर्वे।
  2. रक्सौल से नेपाल की राजधानी काठमांडू तक जाएगी रेल लाइन।
  3. पहाड़ों पर कई जगह पुल और सुरंग भी बनाई जाएगी।

India Nepal Rail Line: नई दिल्ली। नेपाल की राजधानी काठमांडू तक का सफर आने वाले समय में आप ट्रेन से भी कर सकेंगे। भारतीय रेल नेटवर्क से इसको जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इसको लेकर 141 किमी लंबी रेल लाइन बिहार के रक्सौल से काठमांडू तक बिछाई जाएगी। तीन पड़ोसी देशों के साथ भारत का रेल नेटवर्क मजबूत करने पर काम चल रहा है। इसमें नेपाल सबसे ऊपर है, हाल ही में कुर्था से जनकपुर के बीच रेल लाइन बढ़ाई जा चुकी है।

काठमांडू तक रेल लाइन के लिए कोंकण रेलवे ने किया है सर्वे

रक्सौल से काठमांडू तक रेल लाइन बिछाने के लिए कोंकण रेलवे ने सर्वे किया है और इसके लिए एक डीपीआर को तैयार कर नेपाल सरकार को सौंपी गई है। नेपाल की ओर से इसको लेकर जो भी राय प्राप्त होती है उस पर एक बार फिर से फाइनल सर्वे कर रिपोर्ट बनाई जाएगी। जिसके बाद रेल लाइन बिछाने का काम शुरू किया जाएगा। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों से रेल लाइन निकालने के लिए कई पुल और सुरंग का निर्माण भी किया जाएगा। इसकी वजह से इस प्रोजेक्ट की लागत बढ़ सकती है।


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जानकारी के मुताबिक बिहार के रक्सौल से नेपाल की राजधानी काठमांडू तक बिछने वाली रेल लाइन में 40 से ज्यादा मोड़ और 41 ब्रिज भी होंगे। इस दौरान रक्सौल के आगे चोभर से होते हुए ट्रेन जेतपुर पहुंचेगी, इसके बाद निजगढ़, सिखरपुर, सिसनेरी और सतिखेल से भी यह गुजरेगी। इस रेलवे ट्रेक पर बिजली से संचालित होने वाली ट्रेनें चलेंगी। इससे मार्ग पर यात्रा का खर्च कम आएगा।

2018 में बना था इस रेल लाइन के लिए प्रोजेक्ट

भारत और नेपाल को रेल लाइन से जोड़ने के लिए 2018 में सहमति बनी थी। उस दौरान नेपाल के तत्कालीन पीएम केपी शर्मा ने अपने नई दिल्ली दौरे पर इसको लेकर बात की थी। इसके साथ ही नेपाल तक भारतीय रेल लाइन का पहुंचना एक रणनीतिक कदम भी माना जा रहा है। क्योंकि चीन भी केरुंग से काठमांडू तक रेलवे ट्रेक बिछाने की तैयारी में है।