
नई दिल्ली। उप्र के यमुना एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी चंबल और नर्मदा एक्सप्रेस-वे का निर्माण होगा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को इन प्रस्तावों को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से चर्चा की है।
इस दौरान चंबल एक्सप्रेस-वे को लेकर गडकरी और उनके मंत्रालय ने लगभग सहमति दे दी है, जबकि नर्मदा एक्सप्रेस-वे को लेकर वन विभाग की अनुमति जैसी तमाम दिक्कतें सामने आई हैं।
परिवहन भवन में गडकरी के साथ करीब घंटे भर चली बैठक के बाद मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि चंबल एक्सप्रेस-वे के एलाइनमेंट प्लान और जमीन की उपलब्धता की जानकारी मांगी गई है, जिसे वह अगले छह महीने में सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय और एनएचएआइ को दे देंगे।
उन्होंने बताया कि चंबल में जमीन की उपलब्धता की कोई दिक्कत नहीं है। वहां हमारे पास बीहड़ की पर्याप्त सरकारी जमीन मौजूद है। जहां जरू रत होगी, वहां अधिग्रहण भी करेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नर्मदा एक्सप्रेस-वे भी बनेगा लेकिन वहां वन अनुमति के कुछ मुद्दे आएंगे। इनमें समय लग सकता है।
विकास की नई लाइफ लाइन
चौहान ने कहा कि चंबल एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में विकास की एक नई लाइफ लाइन बनेगा। इससे चंबल क्षेत्र के मुरैना, भिंड और श्योपुर जिलों का विकास होगा।
उन्होंने बताया कि यह एक्सप्रेस वे एनएच-6 पर स्थित पाली के पास से एनएच-3 से होते हुए एनएच-92 में जुड़ेगा।