फर्जीवाड़े का खेल... डमी कैंडिडेट बैठाकर पाई पुलिस की नौकरी, 38 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज
Rajasthan Police Recruitment Scam: 38 पुलिसकर्मियों के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। इन पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि इन्होंने अपनी ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 12 Jan 2026 03:57:41 PM (IST)Updated Date: Mon, 12 Jan 2026 03:57:41 PM (IST)
डमी कैंडिडेट बैठाकर पाई पुलिस की नौकरीHighLights
- परीक्षा और फिजिकल टेस्ट में खुद की जगह डमी कैंडिडेट बैठाए
- साल 2018 में भर्ती हुए संदिग्ध पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई
- भर्ती और प्रमोशन के समय किए गए हस्ताक्षरों में पाया गया बड़ा अंतर
डिजिटल डेस्क। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने जालौर जिले में तैनात 38 पुलिसकर्मियों के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी (Rajasthan Police Recruitment Scam) का मुकदमा दर्ज किया है। इन पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि इन्होंने अपनी भर्ती परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Test) में स्वयं बैठने के बजाय डमी कैंडिडेट (नकली अभ्यर्थी) बैठाकर अवैध रूप से नौकरी हासिल की थी।
ऐसे खुला फर्जीवाड़े का खेल
पिछले कुछ वर्षों में भर्ती परीक्षाओं में बढ़ते फर्जीवाड़े को देखते हुए पुलिस भर्ती एवं पदोन्नति बोर्ड ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को सघन जांच के निर्देश दिए थे। जालौर एसपी ने जब साल 2018 बैच के संदिग्ध पुलिसकर्मियों के दस्तावेजों की दोबारा जांच की, तो परतें खुलने लगीं। जांच के दौरान इन पुलिसकर्मियों के वर्तमान हस्ताक्षर और भर्ती के समय दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षर मेल नहीं खाए।
पदोन्नति के समय भी पकड़ा गया अंतर
हैरानी की बात यह है कि फर्जी तरीके से भर्ती हुए इन पुलिसकर्मियों में से कई की पदोन्नति (Promotion) भी हो गई थी। पदोन्नति प्रक्रिया के दौरान जब पुन: दस्तावेजों का मिलान किया गया, तब भी पुराने और नए हस्ताक्षरों में बड़ा अंतर पाया गया।
गलत तरीके से सरकारी सेवाओं में प्रवेश
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जालौर एसपी ने संदिग्धों की सूची एसओजी को सौंपी, जिसके बाद रविवार को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई। राज्य सरकार और पुलिस विभाग के इस कड़े कदम से उन लोगों में हड़कंप मच गया है जिन्होंने गलत तरीके से सरकारी सेवाओं में प्रवेश पाया है।