
ब्यूरो, हिसार (Youtuber Jyoti Malhotra News): यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी के बाद देश में पाकिस्तान जासूसों की बाढ़-सी आ गई है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पुलिस ने 3 राज्यों से 8 लोगों को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया। जासूसी का यह सिलसिला कई सालों से चल रहा था, वो भी सिर्फ चंद पैसों के लिए। इनमें 4 आरोपी पंजाब, 3 हरियाणा और 1 उत्तर प्रदेश से है।
हरियाणा के नूंह और पंजाब के फिरोजपुर से दो-दो युवकों को देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के शक में गिरफ्तार किया गया है। सभी की जांच जारी है।
पुलिस ने हरियाणा के नूंह से एक दो जासूस को गिरफ्तार किया है। इनके नाम तारीफ और अरमान राजाका है। पुलिस को इसके मोबाइल से सैन्य ठिकानों की फोटो व जानकारियां मिली हैं। सेना से जुड़े कुछ वीडियो भी मिले हैं, जिन्हें पाकिस्तान में शेयर किया गया था।
वहीं, गुरदासपुर पुलिस ने भी संवेदनशील सैन्य जानकारी लीक करने में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। डीजीपी गौरव यादव ने एक्स पर बताया कि आरोपी सुखप्रीत सिंह पुत्र गुरमीत सिंह निवासी आदियां और करणबीर सिंह पुत्र गुरमेल सिंह निवासी चंदूवडाला ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित गोपनीय जानकारी साझा करने में लगे हुए थे।
वहीं, पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़ी गई ट्रैवल यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा से पूछताछ में साफ हो गया है कि पहलगाम हमले (Pahalgam Terror Attack) और ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान वह पाकिस्तान के खुफिया अधिकारियों के संपर्क में थी।
पहलगाम हमले के पहले जनवरी में वह कश्मीर भी गई थी और वहां का वीडियो भी इंटरनेट पर शेयर किया था। वह तीन बार पाकिस्तान जा चुकी है, चीन भी गई थी। अपनी यात्राओं में उसने कहां क्या-क्या जानकारी किस-किस से शेयर की, पुलिस इसकी जांच कर रही है।


एक साल पहले ज्योति मल्होत्रा करतारपुर कॉरिडोर के टूर पर गई थी और वहां पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ से भी मिली थी। मरियम पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी हैं। ज्योति ने मरियम से बातचीत भी की थी। ज्योति वहां पाकिस्तान के यू-ट्यूबर से भी मिली थी और उसे भारत आने का न्योता भी दिया था।

आजादी के बाद पाकिस्तान के बहावलपुर से ज्योति का परिवार आया था। परिवार ने पहले पंजाब के फरीदकोट में निवास किया, बाद में वे हिसार में स्थायी रूप से बस गए। उसके दादा, ताऊ और चाचा सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त हुए हैं।
ज्योति का परिवार फरीदकोट में लगभग पांच साल रहा। हिसार में परिवार पहले डोगरान मोहल्ला, फिर आजाद नगर में रहा, लेकिन भाई से मतभेद के बाद 20 साल पहले ज्योति के पिता ने न्यू अग्रसेन कालोनी में 55 गज के दो कमरे का मकान बनाया।

ज्योति की उम्र 33 वर्ष है। पिता ने कई बार उसे शादी के लिए कहा, लेकिन हर बार कोई न कोई बहाना बना कर वह मना कर देती। इस बात को लेकर बेटी से कई बार उनकी कहासुनी भी हुई थी।
