हर किसी के घर में क्यों नहीं जन्म लेती बेटी? गरुड़ पुराण में बताया गया है इसका रहस्य
Garuda Purana: गरुड़ पुराण के अनुसार, केवल उन्हीं माता-पिता के घर में बेटियों का जन्म होता है जिनके पूर्वजन्म के कर्म अच्छे होते हैं। घर में बेटी का आ ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 11 Jan 2026 03:55:58 PM (IST)Updated Date: Sun, 11 Jan 2026 03:55:58 PM (IST)
गरुड़ पुराण की बातें (AI Generated Image)HighLights
- बेटी का जन्म भाग्य नहीं सौभाग्य का प्रतीक
- बेटी का जन्म भाग्य नहीं सौभाग्य का प्रतीक
- पुत्री को माना जाता है मां लक्ष्मी का रूप
धर्म डेस्क। यह कहावत काफी लोकप्रिय है कि "भाग्य से बेटे और सौभाग्य से होती हैं बेटियां।" गरुड़ पुराण के अनुसार, किसी घर में संतान का जन्म केवल एक शारीरिक घटना नहीं है, बल्कि यह आत्माओं के कर्मों और निश्चित भाग्यों के मेल से निर्धारित होता है। इस पुराण में यह बताया गया है कि ईश्वर किन घरों को पुत्री-रत्न के लिए चुनते हैं।
गरुड़ पुराण में वर्णित कथा के अनुसार, जब अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण से पूछा कि माता-पिता को किन कर्मों से कन्या-रत्न की प्राप्ति होती है, तो श्रीकृष्ण ने उत्तर दिया, "अगर किसी के घर पुत्र का जन्म होता है, तो वह उसका भाग्य है, लेकिन अगर पुत्री का जन्म होता है, तो वह उसका सौभाग्य है। पुत्री का जन्म उसी घर में होता है, जहाँ सात्विकता और प्रेम का वास हो।"
घर में बेटी का पैदा होना सौभाग्य की बात
गरुड़ पुराण के अनुसार, केवल उन्हीं माता-पिता के घर में बेटियों का जन्म होता है जिनके पूर्वजन्म के कर्म अच्छे होते हैं। घर में बेटी का आगमन मां लक्ष्मी के आगमन का प्रतीक माना जाता है। बेटी स्वयं साक्षात माता लक्ष्मी का रूप होती हैं, और उनके जन्म से जीवन का अंधकार दूर होता है, तथा घर में समृद्धि और खुशहाली आती है।
हर किसी को नहीं मिलता बेटी का सौभाग्य
पुराण में यह भी कहा गया है कि बेटियां केवल उसी घर में जन्म लेती हैं, जहां माता-पिता उनका अच्छे से पालन-पोषण कर सकें। इसका आशय भौतिक धन से नहीं है, बल्कि ऐसे माता-पिता से है जो उन्हें स्नेह और लाड-प्यार से पाल सकें। ईश्वर उन्हीं को पुत्री-धन प्रदान करते हैं, जो उसके योग्य होते हैं।
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