
धर्म डेस्क, इंदौर। इन दिनों परीक्षाओं का मौसम चल रहा है और अधिकांश छात्र अपनी वार्षिक परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं। यदि आप भी इस दौरान पढ़ाई को लेकर तनाव में है और स्टडी पर फोकस नहीं कर पाते हैं तो कुछ मंत्रों का जाप करना फायदेमंद हो सकता है। पंडित चंद्रशेखर मलतारे के मुताबिक, परीक्षा के दौरान ज्ञान और बुद्धि के देवता भगवान श्री गणेश की आराधना जरूर करना चाहिए। ऐसा करने से छात्रों का मन एकाग्र होता है और परीक्षा में अच्छी सफलता मिलती है।
परीक्षा के दौरान यदि छात्रों को समय नहीं मिलता है, तो सिर्फ ‘ओम’ मंत्र का भी जाप कर सकते हैं। पौराणिक मान्यता है कि ‘ओम’ मंत्र में ब्रह्मांड की शक्ति निहित है। यदि परीक्षार्थी इस मंत्र का जाप नियमित करते हैं तो मन शांत रहता है और मस्तिष्क को एकाग्र करने में दिक्कत नहीं होती है।
ॐ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम् पुष्टि वर्धनम्
उर्वा रुकमिव बन्धनान्, मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।
भगवान शिव का स्मरण करते हुए यदि इस महामंत्र का जाप किया जाता है तो सभी संकटों से मुक्ति मिलती है। इस मंत्र के जाप में आंतरिक शक्ति जागृत होती है। भय और सभी बाधाएं दूर होती है। यह मंत्र छात्रों में निडरता की भावना को बढ़ाता है।
हिंदू धर्म में भगवान गणेश को विघ्नहर्ता माना गया है। इसलिए परीक्षा के दौरान किसी भी मुसीबत से छुटकारा पाने के लिए रोज सुबह स्नान के बाद छात्रों को ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए। ऐसा करने से भगवान गणेश की कृपा बनी रहती है और पढ़ाई में मन लगता है।
देवी सरस्वती को ज्ञान और बुद्धि की देवी माना जाता है। परीक्षा के दौरान छात्र-छात्राओं को देवी सरस्वती की भी आराधना करना चाहिए। रोज ‘ॐ महासरस्वते नमः’ मंत्र का जाप करना चाहिए। इस मंत्र का जाप करने से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
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ॐ भूर् भुवः स्वाहा तत्सवितुर्वरेण्यं।
भर्गो देवस्य धीमहि, धियो यो न प्रचोदयात्
परीक्षा के दौरान इस महामंत्र का जाप करने से भी शुभ फल प्राप्त होता है। यह एक प्रभावशाली मंत्र है, जो मनुष्य को अंधकार और अज्ञानता से बचाता है। इस गायत्री मंत्र का जाप करने से मन और बुद्धि शुद्ध होती है। छात्रों की अंतर्दृष्टि की स्पष्टता बढ़ती है।
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