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Dev Uthani Ekadashi 2025 Date: 01 या 02 नवंबर, किस तारीख को है देवउठनी एकादशी? जानिए शुभ मुहूर्त और पारण समय

Dev Uthani Ekadashi 2025 Date: सनातन धर्म में एकादशी तिथि को विशेष महत्व प्राप्त है। कार्तिक माह की देवउठनी एकादशी व्रत से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Sun, 26 Oct 2025 06:32:01 PM (IST)Updated Date: Sun, 26 Oct 2025 06:32:01 PM (IST)
Dev Uthani Ekadashi 2025 Date: 01 या 02 नवंबर, किस तारीख को है देवउठनी एकादशी? जानिए शुभ मुहूर्त और पारण समय
कार्तिक माह की देवउठनी एकादशी 2025: आर्थिक समस्याओं से राहत पाने का शुभ दिन

HighLights

  1. ब्रह्म, विजय, गोधूलि और निशिता मुहूर्त शुभ हैं।
  2. आर्थिक तंगी दूर करने के लिए पूजा विधि है।
  3. भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागकर भक्तों पर कृपा करेंगे।

धर्म डेस्क: वैदिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर देवउठनी एकादशी 2025 का व्रत (Dev Uthani Ekadashi 2025 Date) रखा जाएगा। इस वर्ष यह व्रत 01 नवंबर को प्रारंभ होगा और 02 नवंबर को समाप्त होगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं और चातुर्मास का समापन होता है।

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देवउठनी एकादशी का शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:50 से 05:41 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 01:55 से 02:39 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 05:36 से 06:02 बजे तक
  • निशिता मुहूर्त: रात 11:39 से 12:31 बजे तक

देवउठनी एकादशी व्रत का पारण समय अगले दिन 02 नवंबर को सुबह 01:11 बजे से शाम 03:23 बजे तक रहेगा।

इस दिन स्नान के बाद लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करें और भगवान विष्णु का कच्चे दूध से अभिषेक करें। ऐसा सच्चे मन से करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और श्रीहरि की कृपा प्राप्त होती है।

ज्योतिषियों के अनुसार, देवउठनी एकादशी व्रत करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही साधक के सभी पाप नष्ट होते हैं और मांगलिक कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। यह दिन विशेष रूप से धन, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक लाभ के लिए उत्तम माना जाता है।


विष्णु मंत्र

1. शान्ताकारम् भुजगशयनम् पद्मनाभम् सुरेशम्

विश्वाधारम् गगनसदृशम् मेघवर्णम् शुभाङ्गम्।

लक्ष्मीकान्तम् कमलनयनम् योगिभिर्ध्यानगम्यम्

वन्दे विष्णुम् भवभयहरम् सर्वलोकैकनाथम्॥

2. ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतराये:

अमृतकलश हस्ताय सर्व भयविनाशाय सर्व रोगनिवारणाय

त्रिलोकपथाय त्रिलोकनाथाय श्री महाविष्णुस्वरूप

श्री धनवंतरी स्वरूप श्री श्री श्री औषधचक्र नारायणाय नमः॥

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इस प्रकार, देवउठनी एकादशी 2025 व्रत न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि आर्थिक और आध्यात्मिक लाभ भी प्रदान करता है। इस दिन भगवान विष्णु की उपासना से जीवन में समृद्धि, शांति और सफलता आती है। भक्त इस दिन उपवास रखकर और मंत्रों का जप करके अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति कर सकते हैं।

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। नईदुनिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। नईदुनिया अंधविश्वास के खिलाफ है।