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5 राशियों के लिए अच्‍छी खबर! पितृ पक्ष में अंगारक संकष्टी चतुर्थी पर बन रहा फलदायी संयोग

संकष्टी चतुर्थी मंगलवार को पड़ने की वजह से इसे अंगारकी चतुर्थी कहते हैं। ज्योतिष की मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान गणेश की पूजा, व्रत और चांद देखने क...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Tue, 29 Sep 2026 04:14:09 PM (IST)Updated Date: Tue, 29 Sep 2026 04:24:26 PM (IST)
5 राशियों के लिए अच्‍छी खबर! पितृ पक्ष में अंगारक संकष्टी चतुर्थी पर बन रहा फलदायी संयोग
अंगारक संकष्टी चतुर्थी का संयोग।

HighLights

  1. संकष्टी चतुर्थी हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाई जाती है।
  2. इस दिन गणेश पूजा, व्रत और चांद देखने को महत्व दिया जाता है।
  3. यह माना जा रहा है कि इन 5 राशियों को अच्छे मौके मिल सकते हैं।

संकष्टी चतुर्थी 2026: हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता और विघ्नहर्ता माना जाता है। कोई भी शुभ काम शुरू करने से पहले गणेश की पूजा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि गणेश की पूजा करने से विघ्न दूर होते हैं और काम बिना किसी बाधा के पूरा होता है।

संकष्टी चतुर्थी हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाई जाती है। इस दिन गणेश पूजा, व्रत और चांद देखने को खास महत्व दिया जाता है। सितंबर 2026 में संकष्टी चतुर्थी बहुत खास होने वाली है, क्योंकि इस दिन दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। जानें चंद्रोदय का समय, लकी राशि, शुभ मुहूर्त, इस दिन का महत्व।


क्योंकि यह शुभ तिथि मंगलवार को पड़ रही है। जब भी संकष्टी चतुर्थी मंगलवार को पड़ती है, तो शास्त्रों में इसे 'अंगारक संकष्टी चतुर्थी' कहा जाता है, जो कर्ज मुक्ति और आपदा मुक्ति के लिए बहुत फलदायी मानी जाती है। आइए जानते हैं। आइए जानते हैं इस महीने में संकष्टी चतुर्थी की तारीख।

29 या 30 सितंबर? इस साल की अंगारकी संकष्टी चतुर्थी बहुत खास है

वैदिक कैलेंडर के अनुसार, भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी 29 सितंबर, 2026 को शाम 5:10 बजे शुरू होगी और 30 सितंबर, 2026 को दोपहर 2:55 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार, चतुर्थी की तारीख 29 सितंबर है और इस दिन मंगलवार भी है। मंगलवार को पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी को अंगारकी संकष्टी चतुर्थी कहते हैं। इसके साथ ही, पितृ पक्ष में पड़ने के कारण इस अंगारकी संकष्टी चतुर्थी को बहुत खास माना जाता है।

चंद्रोदय और अर्घ्य का शुभ समय (मून राइज टाइम)

संकष्टी चतुर्थी के व्रत के दौरान, चांद देखने का खास महत्व है। चांद को अर्घ्य दिए बिना व्रत पूरा नहीं माना जाता है। चांद निकलने का समय: 08:14 PM

माना जाता है कि इस समय चांद को अर्घ्य देने से व्रत का पूरा फल मिलता है और भगवान गणेश का आशीर्वाद बना रहता है।

इस साल की संकष्टी चतुर्थी क्यों खास है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, संकष्टी चतुर्थी हर महीने भगवान गणेश को समर्पित होती है, लेकिन जब यह तिथि मंगलवार को पड़ती है, तो इसे अंगारकी संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अंगारकी संकष्टी चतुर्थी का खास महत्व है। माना जाता है कि इस दिन भगवान गणेश की पूजा और व्रत करने से बाधाएं दूर होती हैं। भक्त पूरे दिन व्रत रखते हैं और भगवान गणेश की पूजा करने के बाद शाम को चांद को अर्घ्य देकर अपना व्रत खोलते हैं।

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अंगारकी चतुर्थी: इन 5 राशि के जातकों को मिल सकता है लाभ

अंगारकी संकष्टी चतुर्थी मंगलवार, 29 सितंबर, 2026 को है। चतुर्थी शाम 5:10 बजे शुरू होगी और 30 सितंबर को दोपहर 2:55 बजे खत्म होगी। संकष्टी चतुर्थी मंगलवार को पड़ने की वजह से इसे अंगारकी चतुर्थी कहते हैं। ज्योतिष की मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान गणेश की पूजा, व्रत और चांद देखने का खास महत्व है। ऐसे में माना जा रहा है कि इन 5 राशियों को अच्छे मौके मिल सकते हैं।

मेष

ज्योतिष के अनुसार, अंगारकी चतुर्थी के असर से काम में आ रही रुकावटों को दूर करने की कोशिशों में तेज़ी आ सकती है। नौकरी या बिज़नेस में नए मौके मिलने की संभावना है और पैसे के मामलों में प्लानिंग फायदेमंद हो सकती है।

मिथुन

ज्योतिष के अनुसार, गणेश जी की कृपा से रुके हुए काम पटरी पर आने की संभावना है। नए कॉन्टैक्ट बनेंगे और प्रोफेशनल फील्ड में बड़े लोगों से मदद मिल सकती है। स्टूडेंट्स के लिए भी दिन अच्छा माना जा रहा है।

सिंह राशि

ज्योतिष के अनुसार, आपके करियर में आगे बढ़ने के लिए एक नया रास्ता खुल सकता है। आपको अपने सीनियर्स से तारीफ़ मिल सकती है और आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा। हालांकि, आपको सलाह दी जाती है कि फाइनेंशियल फैसले लेने में जल्दबाज़ी न करें।

तुला राशि

ज्योतिष के अनुसार, परिवार का माहौल खुशनुमा रहने की संभावना है। बिज़नेस करने वालों को नए कस्टमर या काम के मौके मिल सकते हैं। पुरानी फाइनेंशियल प्रॉब्लम को सुलझाने की कोशिशें सफल हो सकती हैं।

धनु राशि

ज्योतिष के अनुसार, माना जाता है कि अंगारकी चतुर्थी के मौके पर गणेश जी की पूजा करने से मेंटल पॉजिटिविटी बढ़ती है। आपको काम पर कोई नई ज़िम्मेदारी मिल सकती है। यात्रा या किसी नए प्रोजेक्ट के लिहाज़ से भी दिन अहम हो सकता है।

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अंगारकी संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा कैसे करें?

  • संकष्टी चतुर्थी के दिन भक्त व्रत रखते हैं और भगवान गणेश की पूजा करते हैं।
  • शाम को चांद निकलने के बाद चांद को अर्घ्य देकर व्रत खोलने की परंपरा है।
  • सुबह नहाकर संकल्प लें। गणेश जी का स्मरण करते हुए दिन भर व्रत रखने का संकल्प लेना चाहिए।
  • गणेश जी की मूर्ति या चित्र को साफ रखें। पूजा की जगह को साफ करें और गणेश जी के सामने दीपक जलाएं।
  • गणेश जी का पंचामृत या साफ पानी से अभिषेक करें और वस्त्र, धूप, अक्षत और फूल चढ़ाएं।
  • दूर्वा और लाल फूल चढ़ाएं। गणेश पूजा में दूर्वा का खास महत्व है।
  • नैवेद्य चढ़ाएं। घर की परंपरा के अनुसार मोदक, लड्डू, फल या सात्विक नैवेद्य चढ़ाएं।
  • गणेश मंत्र का जाप करें। ओम गं गणपतये नमः का जाप कर सकते हैं। गणेश अथर्वशीर्ष या गणेश स्तोत्र का पाठ भी किया जाता है।
  • गणेश आरती करें। आरती के बाद अपनी मनोकामनाओं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।
  • चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य दें। संकष्टी व्रत की परंपरा के अनुसार, चंद्रमा को देखने के बाद चंद्रमा को जल चढ़ाएं और प्रणाम करें।
  • इसके बाद व्रत खोलें। व्रत खोलते समय अपने परिवार की परंपरा के अनुसार फल या सात्विक भोजन करें।
  • खासकर अंगारकी संकष्टी पर भक्त गणेश पूजा, अथर्वशीर्ष पाठ, मंत्र जाप और चंद्रदर्शन को खास महत्व देते हैं।

अंगारकी संकष्टी चतुर्थी का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणपति सभी बाधाओं को दूर करने वाले देवता हैं। इसलिए, परेशानियों से मुक्ति और इच्छाओं की पूर्ति की उम्मीद में संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है। विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी के दिन, भक्त गणपति की पूजा करते हैं और अपने जीवन में परेशानियों को दूर करने और अपने परिवार में शांति और खुशी के लिए प्रार्थना करते हैं। इस साल मंगलवार को पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी को अंगारकी संकष्टी के रूप में भी खास माना जा रहा है।