
स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम ने साल 2026 की शुरुआत एक धमाकेदार विश्व रिकॉर्ड के साथ की है। वडोदरा के मैदान पर खेले गए पहले वनडे मुकाबले में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ ही शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने वनडे इतिहास का वो स्वर्णिम पन्ना लिख दिया है, जहाँ आज तक दुनिया की कोई भी टीम नहीं पहुँच सकी है।
मैच के असली हीरो स्टार बल्लेबाज विराट कोहली रहे। कोहली ने अपनी 'चेज मास्टर' की छवि के अनुरूप बल्लेबाजी करते हुए 93 रनों की शानदार पारी खेली। हालांकि, वह अपने करियर के 54वें वनडे शतक से मात्र 7 रन दूर रह गए, लेकिन उनकी इस क्लासिक पारी ने भारत की जीत की नींव रख दी। कप्तान शुभमन गिल ने भी मोर्चे से नेतृत्व करते हुए 56 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इस जीत के साथ भारत वनडे क्रिकेट के इतिहास में 20 बार 300 या उससे अधिक रनों का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल करने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई है। भारत ने इस मामले में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीमों को काफी पीछे छोड़ दिया है।
वनडे में सबसे सफल 300+ रन चेज:
पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने डेवोन कॉनवे (56), हेनरी निकोल्स (62) और डेरिल मिचेल (84) की पारियों की बदौलत स्कोरबोर्ड पर 300 रन टांग दिए थे। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत एक समय बेहद मजबूत स्थिति में था। लेकिन 40वें ओवर में कोहली के आउट होते ही मैच नाटकीय मोड़ पर आ गया। रवींद्र जडेजा और श्रेयस अय्यर के जल्दी आउट होने से भारतीय खेमे में खलबली मच गई थी। अंत में केएल राहुल (29)* और युवा हर्षित राणा (29) ने सूझबूझ दिखाते हुए 37 रनों की साझेदारी की और टीम को जीत की दहलीज के पार ले गए।
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इस रोमांचक जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। वडोदरा की यह जीत न केवल कीवी टीम पर मनोवैज्ञानिक बढ़त दिलाती है, बल्कि भारतीय टीम के 'चेज' करने के अदम्य साहस को भी प्रमाणित करती है।