
स्पोर्ट्स डेस्क। बेंगलुरु के 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' मैदान पर विजय हजारे ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारतीय क्रिकेट के दिग्गज तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा ने अपनी कप्तानी और धारदार गेंदबाजी से सुर्खियां बटोर ली हैं। 37 वर्षीय ईशांत ने इस मैच में न केवल दिल्ली की कमान संभाली, बल्कि लिस्ट-ए क्रिकेट में विकेटों का एक शानदार 'दोहरा शतक' भी जड़ा।
दिल्ली की टीम इन दिनों नेतृत्व परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। नियमित कप्तान ऋषभ पंत चोटिल होकर बाहर हैं, वहीं युवा खिलाड़ी आयुष बडोनी को टीम इंडिया में वॉशिंगटन सुंदर के विकल्प के तौर पर शामिल किया गया है। ऐसे में चयनकर्ताओं ने टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी ईशांत शर्मा पर भरोसा जताया। ईशांत इससे पहले 2019 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी दिल्ली का नेतृत्व कर चुके हैं।
विदर्भ के खिलाफ इस नॉकआउट मैच में दिल्ली ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। विदर्भ की शुरुआत अच्छी रही थी, लेकिन 25वें ओवर में ईशांत शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी कर रहे अर्थव ताइदे (72 रन) को आउट कर पवेलियन का रास्ता दिखाया।
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37 की उम्र में भी ईशांत का जोश कम नहीं हुआ है। साल 2018 में ऑस्ट्रेलिया की धरती पर पहली टेस्ट सीरीज जीत के नायक रहे ईशांत 2021 के बाद से नेशनल टीम से बाहर हैं। हालांकि, घरेलू क्रिकेट में उनका यह लगातार अच्छा प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि वे अभी भी टीम इंडिया में वापसी की रेस से बाहर नहीं हुए हैं।
विदर्भ के खिलाफ यह उपलब्धि उनकी फिटनेस और खेल के प्रति समर्पण को साबित करती है। दिल्ली के क्रिकेट प्रेमी अब उम्मीद कर रहे हैं कि उनके इस अनुभवी 'कप्तान' के मार्गदर्शन में टीम विजय हजारे ट्रॉफी का खिताब अपने नाम करेगी।