मूवी लवर्स प्रेमियों के लिए काम की खबर, एक ही सीट दो लोगों को क्यों नहीं मिलती? पढ़ें इसके पीछे की जादुई टेक्नोलॉजी
Movie Tickets: क्या आपने कभी गौर किया है कि जब आप BookMyShow या Paytm पर अपनी पसंदीदा सीट चुनते हैं, तो ठीक उसी पल दुनिया के किसी और कोने में बैठा व्य ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 19 Jan 2026 09:25:36 PM (IST)Updated Date: Mon, 19 Jan 2026 09:25:36 PM (IST)
मूवी लवर्स प्रेमियों के लिए काम की खबर।HighLights
- टिकट बुक करते समय आखिर क्यों गायब हो जाती है सीट
- समझें रियल-टाइम लॉकिंग और क्लाउड डेटाबेस का खेल
- 5 मिनट के टाइमस्टैम्प और डेटा सिंकिंग का है पूरा गणित
टेक्नोलॉजी डेस्क। क्या आपने कभी गौर किया है कि जब आप BookMyShow या Paytm पर अपनी पसंदीदा सीट चुनते हैं, तो ठीक उसी पल दुनिया के किसी और कोने में बैठा व्यक्ति उसी सीट को बुक क्यों नहीं कर पाता? सिनेमाघरों में हाउसफुल होने के बावजूद कभी भी एक सीट पर दो लोग दावा नहीं करते। इसके पीछे कोई जादू नहीं, बल्कि एक बेहद जटिल और तेज रियल-टाइम लॉकिंग सिस्टम काम करता है।
कैसे काम करता है 'रियल-टाइम लॉकिंग'?
जैसे ही आप अपनी मनपसंद सीट पर क्लिक करते हैं, सिस्टम उसे तुरंत रियल-टाइम लॉक कर देता है। इसका मतलब यह है कि जब तक आप अपना पेमेंट प्रोसेस कर रहे हैं, वह सीट किसी और यूजर को उपलब्ध (Available) नहीं दिखेगी।
- लॉकिंग टाइम: यह लॉक आमतौर पर 2 से 5 मिनट के लिए होता है।
- पेमेंट फेलियर: अगर इस दौरान आप पेमेंट नहीं कर पाते या ट्रांजेक्शन कैंसिल हो जाता है, तो लॉक अपने आप हट जाता है।
- री-अवेलेबिलिटी: लॉक हटने के बाद वह सीट दोबारा दूसरे यूजर्स के लिए बुकिंग के लिए उपलब्ध हो जाती है।
क्लाउड-बेस्ड डिस्ट्रीब्यूटेड सिस्टम का कमाल
आज के दौर में PVR, INOX और अन्य बुकिंग प्लेटफॉर्म क्लाउड-बेस्ड डिस्ट्रीब्यूटेड डेटाबेस का इस्तेमाल करते हैं। यह एक ऐसा नेटवर्क है जहां हर सेकंड हजारों बुकिंग्स को ट्रैक किया जाता है।
- इंस्टेंट अपडेट: जैसे ही कोई यूजर 'कन्फर्म' बटन दबाता है, वह जानकारी बिजली की तेजी से सभी सर्वरों पर अपडेट हो जाती है।
- सिंक्रोनाइजेशन: इस टेक्नोलॉजी की वजह से ही अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स (जैसे Paytm और BookMyShow) को पता चल जाता है कि कौन सी सीट पहले ही भरी जा चुकी है।
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टाइमस्टैम्प: 'पहले आओ, पहले पाओ' का नियम
सिस्टम हर रिक्वेस्ट को टाइमस्टैम्प (Timestamp) के आधार पर प्रोसेस करता है।
- मिलीसेकंड का खेल: अगर दो लोग एक ही मिलीसेकंड में एक ही सीट पर क्लिक करते हैं, तो सर्वर यह देखता है कि किसकी रिक्वेस्ट पहले पहुंची।
- डबल चेक: पेमेंट पूरा होने से पहले और पेमेंट सफल होने के बाद, सर्वर एक बार फिर सीट की उपलब्धता की पुष्टि करता है।
- कॉन्फ्लिक्ट मैनेजमेंट: यदि कभी तकनीकी टकराव (Conflict) होता भी है, तो सिस्टम उसे स्मार्टली हैंडल करते हुए केवल एक ही व्यक्ति को सीट अलॉट करता है।
इस एडवांस्ड इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से ही आज करोड़ों लोग बिना किसी भ्रम के घर बैठे अपनी पसंदीदा सीट बुक कर पा रहे हैं।