
डिजिटल डेस्क। फाजिलनगर को अब उसके प्राचीन नाम पावानगर के रूप में जाना जाने की दिशा में प्रक्रिया तेज हो गई है। नगर पंचायत के प्रस्ताव और जिला प्रशासन की संस्तुति पर सरकार मुहर लगाने की तैयारी में है। इसकी पुष्टि स्थानीय विधायक सुरेंद्र कुमार कुशवाहा ने की है। वहीं, गाजियाबाद में तरुण सागर धाम के पारसनाथ गुफा मंदिर के लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस निर्णय का उल्लेख किया। क्षेत्र में इस घोषणा से उत्साह का वातावरण है।
इतिहास के अनुसार, फाजिलनगर का प्राचीन नाम पावानगर ही था।
यह माना जाता है कि भगवान बुद्ध महापरिनिर्वाण प्राप्त करने के लिए कुशीनगर जाते समय इसी मार्ग से गुज़रे थे।
बुद्ध का अंतिम भोजन स्थल भी यही माना जाता है।
साथ ही, जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी ने भी इसी पावानगर में परिनिर्वाण प्राप्त किया था।
इस ऐतिहासिक-सांस्कृतिक महत्व के कारण हर वर्ष हजारों जैन और बौद्ध श्रद्धालु यहां दर्शन-पूजन करने आते हैं।
ऐतिहासिकता को ध्यान में रखते हुए, 14 अक्टूबर को नगर पंचायत की बैठक में फाजिलनगर का नाम बदलकर पावानगर किए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बाद प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा गया। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने प्रस्ताव पर अपनी संस्तुति जोड़कर इसे शासन को अग्रेषित कर दिया।
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विधायक सुरेंद्र कुमार कुशवाहा ने बताया कि राज्य सरकार की कैबिनेट इस प्रस्ताव को पहले ही स्वीकृत कर चुकी है। अब अंतिम औपचारिकताएं पूरी होते ही शासन स्तर से नाम परिवर्तन की आधिकारिक घोषणा जारी कर दी जाएगी।