
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के कालिंजर थाना क्षेत्र में छह वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई रूह कंपा देने वाली बर्बरता के मामले में न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। दोषी अमित वर्मा को मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में हलचल है। बुधवार को गांव में एक ओर जहां सन्नाटा और तनावपूर्ण खामोशी पसरी रही, वहीं दूसरी ओर न्याय की जीत पर कुछ घरों में दीये जलाकर खुशी मनाई गई।
यह हृदयविदारक घटना 25 जुलाई की है, जहां अमित वर्मा ने पड़ोस में खेल रही मासूम बच्ची को पान मसाला मंगाने के बहाने बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। दरिंदगी की हदें पार करते हुए आरोपी ने बच्ची का हाथ तोड़ दिया और उसकी जीभ काटकर नाली में फेंक दी थी। जब परिजन बच्ची को ढूंढते हुए आरोपी के घर पहुंचे, तो वह दीवार फांदकर फरार हो गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने 12 नवंबर को आरोप पत्र दाखिल किया और कोर्ट में इसकी फास्ट-ट्रैक सुनवाई हुई। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने दोषी को फांसी की सजा सुनाते हुए स्पष्ट किया कि उसे तब तक लटकाया जाए जब तक उसकी मृत्यु न हो जाए।
यह भी पढ़ें- शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोपी विदेश भागा, भारत लौटते ही पुलिस के हत्थे चढ़ गया
सजा के एलान के बाद बुधवार को गांव में ग्रामीण खुलकर बोलने से बचते दिखे, लेकिन दबी जुबान में हर कोई इस फैसले का स्वागत कर रहा है। लोगों का मानना है कि ऐसे जघन्य अपराधियों के लिए यही एकमात्र सजा है, जिससे समाज में मिसाल कायम हो सके। कुछ परिवारों ने न्यायालय के इस सम्मानजनक फैसले के प्रति आभार जताते हुए अपने घरों के भीतर दीये जलाए। ग्रामीणों के अनुसार, ऐसे फैसले से अपराधियों की रूह कांप जाएगी और भविष्य में कोई ऐसी हैवानियत करने की हिम्मत नहीं करेगा।