UP में फिल्मी अंदाज में लूट : CBI अफसर बनकर तमंचा हाथ में देकर फोटो खींची और 90 हजार उड़ाए
गोरखपुर में पांच लोगों ने खुद को क्राइम ब्रांच बताकर युवक से 90 हजार रुपये लूटे लिए। फिल्मी अंदाज में हुई इस लूटपाट में पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग् ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 09 Aug 2025 11:40:08 AM (IST)Updated Date: Sat, 09 Aug 2025 12:11:34 PM (IST)
UP News: गोरखपुर में फिल्मी अंदाज में लूट, क्राइम ब्रांच बताकर युवक से 90 हजार लूटे।HighLights
- क्राइम ब्रांच बनकर लूट की वारदात।
- गोरखपुर में युवक से 90 हजार लूट।
- पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठे।
डिजिटल डेस्क। गोरखपुर के गीडा थाना क्षेत्र में मंगलवार को फिल्मी अंदाज में लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई। राजस्थान के जयपुर निवासी रविशंकर, जो इन दिनों अपने ननिहाल भौवापार (बेलीपार) आए हुए थे, बाइक से राजघाट पुल की ओर जा रहे थे। नौसढ़ के पास एक कार ने उन्हें रोक लिया। कार में मौजूद चार युवक और एक महिला ने खुद को क्राइम ब्रांच का बताया और उन्हें जबरन कार में बैठा लिया।
तमंचा हाथ में थमाकर खींची फोटो
आरोपियों ने रविशंकर पर अवैध हथियार तस्करी का आरोप लगाया, एक तमंचा उनके हाथ में थमाकर फोटो खींची और आर्म्स एक्ट में जेल भेजने की धमकी दी। उन्होंने यातना देकर तीन लाख रुपये की मांग की। डराकर रविशंकर को जनसेवा केंद्र ले जाया गया, जहां से 90 हजार रुपये निकलवाए गए। इसके बाद उन्हें एक सर्राफा दुकान पर गहने खरीदने के लिए भी मजबूर किया, लेकिन डेबिट कार्ड की लिमिट खत्म होने से यह संभव नहीं हो सका।
इसके बाद आरोपी उन्हें एकला बंधे के पास छोड़ गए और चेतावनी दी कि अगले दिन शाम चार बजे तक तीन लाख रुपये लेकर आना, वरना गंभीर अंजाम भुगतना पड़ेगा। बुधवार को रविशंकर ने एसपी सिटी अभिनव त्यागी को घटना की जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ कोतवाली और सीओ कैंट को जांच सौंपी गई।
'पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध'
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि रविशंकर की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध बंधक बनाकर लूटपाट करने का केस दर्ज किया गया है। वारदात में पुलिस बताकर अपराध करने की बात सामने आई है। इस कारण एक विभागीय जांच कमेटी गठित की गई है। क्राइम ब्रांच के साथ ही स्थानीय थाने की पुलिस छानबीन कर रही है। जिन पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है उनके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।