संगम स्नान को जा रही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की शोभायात्रा पुलिस ने रोकी, शिष्यों से हुई झड़प, कुछ शिष्य हिरासत में
Prayagraj News: मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज के संगम क्षेत्र में उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की शोभायात्रा को पुलिस ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 18 Jan 2026 01:32:52 PM (IST)Updated Date: Sun, 18 Jan 2026 01:32:52 PM (IST)
संगम स्नान को जा रही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की शोभायात्रा पुलिस ने रोकीHighLights
- संगम पहुंचने से पहले रोका
- कुछ शिष्यों को हिरासत में ले लिया
- शोभायात्रा निकालने पर रोक थी
डिजिटल डेस्क। मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज के संगम क्षेत्र में उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की शोभायात्रा को पुलिस ने रोक दिया। शोभायात्रा रोके जाने से उनके शिष्य आक्रोशित हो गए और पुलिस के साथ उनकी झड़प हो गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कुछ शिष्यों को हिरासत में ले लिया।
मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए माघ मेला प्रशासन ने किसी भी प्रकार की शोभायात्रा निकालने पर पहले से ही रोक लगा रखी थी। इसके बावजूद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद रविवार सुबह त्रिवेणी मार्ग स्थित अपने शिविर से शोभायात्रा के साथ संगम स्नान के लिए रवाना हुए थे।
संगम पहुंचने से पहले ही पुलिस ने रोका
शोभायात्रा के संगम पहुंचने से पहले ही पुलिस ने उसे रोक दिया। इस पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और पुलिस व शिष्यों के बीच झड़प हो गई। शिष्यों ने पुलिस पर अभद्रता करने के आरोप लगाए, जिसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी और तेज हो गई।
विवाद बढ़ने पर पुलिस ने कुछ शिष्यों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बिना संगम स्नान किए ही अपने शिविर लौट गए।
सभी स्नान घाटों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
उधर, माघ मेला के सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर पावन संगम में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। रविवार सुबह छह बजे से दस बजे के बीच तीन बार सभी स्नान घाट ओवरक्राउडेड हो गए। संगम क्षेत्र में अत्यधिक दबाव के चलते प्रशासन को इमरजेंसी प्लान लागू करना पड़ा। सुबह दस बजे तक कुल छह बार इमरजेंसी प्लान लागू किए गए।
मकर संक्रांति पर 1 करोड़ 85 लाख ने स्नान किया था
इससे पहले माघ मेला के अन्य प्रमुख स्नान पर्वों पौष पूर्णिमा (3 जनवरी) और मकर संक्रांति (15 जनवरी) पर भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। पौष पूर्णिमा पर करीब 31 लाख और मकर संक्रांति पर लगभग 1 करोड़ 85 लाख श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में स्नान किया था। हालांकि, इन दोनों अवसरों पर भीड़ अधिक होने के बावजूद इमरजेंसी प्लान लागू करने की नौबत नहीं आई थी।