
डिजिटल डेस्क। मुंबई के एक सोना कारोबारी के वाराणसी स्थित कार्यालय से 5 जनवरी को हुई करीब 2,122 ग्राम सोने के जेवरात की चोरी का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। जांच में सामने आया कि इस वारदात को किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि कारोबारी के ही कर्मचारी तारक घोराई ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था।
पुलिस के अनुसार, चोरी की साजिश पहले से रची गई थी। सर्विलांस से बचने के लिए तारक अपने तीन साथियों के साथ गाजीपुर पार्टी करने चला गया, जबकि गिरोह के एक अन्य सदस्य ने डुप्लीकेट चाबी की मदद से दुकान का शटर और तिजोरी खोलकर लगभग तीन करोड़ रुपये मूल्य के जेवरात समेट लिए और दुकान बंद कर फरार हो गया।
फुटेज खंगालने पर पुलिस को अहम सुराग
सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पुलिस को अहम सुराग मिला। घटना से पहले आरोपी को लंगड़ाते हुए और चोरी के बाद सामान्य चाल से चलते देखा गया। इसी असामान्य बदलाव के आधार पर कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच की गई, जिसके बाद पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और पूरा चोरी का माल बरामद कर लिया।
इस सफल कार्रवाई पर पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने पुलिस टीम को एक लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की है। इस कार्रवाई में एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी, चौकी प्रभारी दिलीप कुमार मिश्रा, दारोगा पुष्कर दूबे समेत कई पुलिसकर्मी और एसओजी टीम शामिल रही।
डुप्लीकेट चाबी से खुली तिजोरी, भूमिकाएं पहले तय थीं
एडीसीपी सरवणन टी और एसीपी डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी के अनुसार, तारक की दोस्ती गाजीपुर के ग्राम मौधा निवासी विकास बेनवशी से थी, जो एक अन्य सोने की दुकान में काम करता था। तारक के यहां विकास के अलावा शुभम विश्वकर्मा, सैनुद्दीन अंसारी और जौनपुर के ग्राम बारी, थाना मड़ियाहूं निवासी दीपेश चौहान का आना-जाना था।
तारक के जरिए उसके मालिक के थोक सोना कारोबार की जानकारी मिलने के बाद सभी ने चोरी की योजना बनाई। योजना के तहत दीपेश को दुकान और तिजोरी की डुप्लीकेट चाबी बनवाने की जिम्मेदारी दी गई, जबकि सैनुद्दीन को चोरी करने का काम सौंपा गया।
6 दिसंबर को तारक, दीपेश, विकास और शुभम गाजीपुर पार्टी करने चले गए, ताकि पुलिस की निगरानी से दूर रहें। वहीं सैनुद्दीन ने पुलिस को भ्रमित करने के लिए चोरी से पहले लंगड़ाकर और बाद में तेज कदमों से चलते हुए दुकान से निकलने की कोशिश की, लेकिन यही चाल गिरोह की पहचान का कारण बन गई।
पूरा जेवरात बरामद
पुलिस ने सभी आरोपियों को कूड़ाखाना बेनिया, थाना चौक कमिश्नरेट वाराणसी और कैंट स्टेशन मालगोदाम के पास से गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से चोरी किया गया पूरा जेवरात बरामद कर लिया गया है।
यह भी पढ़ें- UP वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट जारी, 25 लाख 'डुप्लीकेट' नाम चिह्नित, प्रदेश में मतदाताओं की संख्या 12.55 करोड़ पार