
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने आज मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) का पहला ड्राफ्ट प्रकाशित कर दिया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने बताया कि इस बार तकनीक और जमीनी सर्वे की मदद से सूची को काफी हद तक 'फिल्टर' किया गया है, जिसके सुखद परिणाम सामने आए हैं।
इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि 25 लाख से ज्यादा ऐसे नामों को चिह्नित करना रहा, जो एक से अधिक स्थानों पर दर्ज थे। डेटा मिलान के जरिए इन विसंगतियों को दूर किया जा रहा है ताकि फर्जी मतदान की संभावना को खत्म किया जा सके। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अब मतदाताओं की कुल संख्या 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 तक पहुंच गई है।
प्रशासन ने आम जनता को अपनी प्रविष्टियां सुधारने का पूरा मौका दिया है। यदि किसी नागरिक का नाम छूट गया है, या सूची में दर्ज जानकारी (जैसे नाम, पता या फोटो) में कोई त्रुटि है, तो वे 6 जनवरी से 6 फरवरी के बीच अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
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निर्वाचन आयोग उन मतदाताओं पर विशेष ध्यान दे रहा है जिनके रिकॉर्ड वर्ष 2003 की आधार सूची से मेल नहीं खा रहे हैं। ऐसे संदिग्ध मामलों में आयोग द्वारा नोटिस जारी कर सत्यापन किया जाएगा। इस विशाल कार्य को संपन्न करने के लिए प्रदेश के सभी 75 जिलों के निर्वाचन अधिकारियों सहित 16.62 लाख से अधिक बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर एन्यूमरेशन फॉर्म इकट्ठा किए हैं।