यूपी में किसानों को मुफ्त मिलेगा उड़द और मूंग का बीज, ऑनलाइन पोर्टल पर करानी होगी बुकिंग
UP News: उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी है। गन्ने के साथ उड़द व मूंग की सहफसली खेती करने वाले किसानों को कृषि विभाग की ओर से निःशुल्क बी ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 13 Jan 2026 03:54:42 PM (IST)Updated Date: Tue, 13 Jan 2026 03:54:42 PM (IST)
यूपी में किसानों को मुफ्त मिलेगा उड़द और मूंग का बीजHighLights
- उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी
- कृषि विभाग की ओर से मिलेगा निःशुल्क बीज
- गन्ने के साथ सहफसली खेती को मिलेगा बढ़ावा
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी है। गन्ने के साथ उड़द व मूंग की सहफसली खेती करने वाले किसानों को कृषि विभाग की ओर से निःशुल्क बीज उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग करानी अनिवार्य होगी।
जिले में कुल 766 क्विंटल उड़द और मूंग का बीज वितरित किया जाएगा। जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने अधिक से अधिक किसानों से समय रहते बीज की बुकिंग कराने की अपील की है।
उड़द की बोआई का सही समय और तरीका
उड़द की बोआई गन्ने की बोआई के तुरंत बाद फरवरी–मार्च में या अप्रैल माह में, जब गन्ने के अंकुर निकल आएं, तब कतारों के बीच खाली स्थान में की जा सकती है। इससे कम समय में अतिरिक्त आय प्राप्त होती है। उड़द की फसल 60 से 90 दिनों में तैयार हो जाती है।
बोआई से पहले बीज को राइजोबियम कल्चर तथा थीरम या कैप्टन से उपचारित करें। इसके बाद गन्ने की कतारों के बीच 4-6 सेमी गहराई पर तथा 10 सेमी की दूरी पर बीज की बोआई करें। खेत समतल और जल निकासी की अच्छी व्यवस्था वाला होना चाहिए। सहफसली खेती के लिए प्रति एकड़ 2.5 से 3.5 किलोग्राम बीज पर्याप्त रहता है।
मूंग की बोआई का उपयुक्त समय
गन्ने के साथ मूंग की सहफसली खेती के लिए 15 फरवरी से 15 मार्च का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। मूंग की बोआई गन्ने की बोआई के साथ या तुरंत बाद करनी चाहिए, ताकि मुख्य फसल के बढ़ने से पहले मूंग पक कर तैयार हो जाए और कतारों के बीच की खाली जगह का बेहतर उपयोग हो सके।
बोआई से पहले बीज का उपचार अवश्य करें। पंक्ति से पंक्ति की दूरी 30 सेमी रखें। खेत में गोबर की खाद, सिंगल सुपर फास्फेट और डीएपी का संतुलित प्रयोग करें। फूल और फली बनने की अवस्था में हल्की सिंचाई करें, जिससे गन्ने की फसल को नुकसान न हो और किसानों को अतिरिक्त आय मिल सके।
गन्ने के साथ सहफसली खेती को मिलेगा बढ़ावा
उप गन्ना आयुक्त डॉ. आरबी राम ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि बसंतकालीन गन्ने की बोआई के साथ उड़द व मूंग की सहफसली खेती के लिए किसानों को प्रेरित किया जाए, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके।
गन्ना किसानों के लिए ब्लाकवार आवंटित बीज
| विकास खंड | उड़द (क्विंटल) | मूंग (क्विंटल) |
| झंझरी | 11.60 | 40.00 |
| पंडरीकृपाल | 10.00 | 35.00 |
| रुपईडीह | 10.00 | 40.00 |
| इटियाथोक | 10.00 | 40.00 |
| मुजेहना | 10.00 | 40.00 |
| तरबगंज | 10.00 | 10.00 |
| नवाबगंज | 10.00 | 40.00 |
| वजीरगंज | 10.00 | 35.00 |
| बेलसर | 10.00 | 30.00 |
| कर्नलगंज | 10.00 | 40.00 |
| परसपुर | 10.00 | 35.00 |
| हलधरमऊ | 10.00 | 30.00 |
| कटराबाजार | 12.00 | 40.00 |
| मनकापुर | 12.00 | 40.00 |
| छपिया | 11.00 | 40.00 |
| बभनजोत | 10.00 | 40.00 |
| योग | 166.60 | 600.00 |