यूपी में यूरिया के साथ अन्य उत्पादों की जबरन बिक्री पर रोक, कंपनियों पर होगी सख्त कार्रवाई
UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को राहत देते हुए यूरिया के साथ अन्य उत्पादों की जबरन बिक्री (टैगिंग) पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। कृषि विभ ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 14 Jan 2026 03:27:44 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Jan 2026 03:27:44 PM (IST)
यूपी में यूरिया के साथ अन्य उत्पादों की जबरन बिक्री पर रोक, कंपनियों पर होगी सख्त कार्रवाईHighLights
- टैगिंग की बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आईं
- यह आदेश 1 जनवरी से लागू हो गया है
- आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को राहत देते हुए यूरिया के साथ अन्य उत्पादों की जबरन बिक्री (टैगिंग) पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब प्रदेश में केवल अनुदानित उर्वरकों की ही आपूर्ति और बिक्री की अनुमति होगी। यह आदेश 1 जनवरी से लागू हो गया है।
दरअसल, यूरिया आपूर्ति करने वाली कुछ कंपनियों द्वारा अपने डिस्ट्रीब्यूटर्स और रिटेलर्स के माध्यम से किसानों को यूरिया के साथ महंगे और गैर-जरूरी उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य किए जाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
टैगिंग की बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आईं
खासतौर पर रबी सीजन के दौरान उर्वरकों की कालाबाजारी और टैगिंग की बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आईं।इस समस्या को लेकर शासन स्तर पर अब तक सात बार उर्वरक कंपनियों, होलसेलरों और रिटेलरों के साथ बैठकें कर टैगिंग न करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद शिकायतें बंद नहीं हुईं। इसके बाद सरकार ने यह कड़ा फैसला लिया है।
बिक्री पर 1 जनवरी से पूर्ण प्रतिबंध है
कृषि विभाग के अनुसार, प्रदेश में यूरिया आपूर्ति करने वाली सभी संस्थाओं को अब केवल अनुदानित उर्वरकों की आपूर्ति और बिक्री की ही अनुमति होगी। कंपनियों के उर्वरक विक्रय लाइसेंस में दर्ज सभी गैर-अनुदानित उत्पादों की आपूर्ति और बिक्री पर 1 जनवरी से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई
सरकार ने साफ कर दिया है कि अब कोई भी कंपनी यूरिया की आड़ में अपने अन्य व्यावसायिक उत्पाद प्रदेश की सीमा में नहीं बेच सकेगी। आदेश का उल्लंघन करने या यूरिया के साथ किसी भी प्रकार की टैगिंग करने पर संबंधित कंपनी के खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार के इस फैसले से किसानों को अनावश्यक खर्च से राहत मिलने की उम्मीद है।