
डिजिटल डेस्क। प्रयागराज में आयोजित माघ मेले से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां आस्था के केंद्र में अचानक लगी आग ने सब कुछ राख कर दिया। संगम तट पर लगे काली मार्ग सेक्टर पांच स्थित एक धार्मिक शिविर में मंगलवार शाम भीषण आग लग गई, जिससे श्रद्धालुओं के बीच हड़कंप मच गया।
गारापुर (थरवई) के निवासी भरत शंकर शुक्ला ने 'रामनाम एवं मानस प्रचार संघ' के तहत 'नामायन शुक्ला धाम' नाम से अपना शिविर लगाया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब भरत शंकर शिविर के बाहर कुछ लोगों के साथ अलाव ताप रहे थे। उनकी 58 वर्षीय पत्नी, संतोष शुक्ला, उस समय टेंट के भीतर ही मौजूद थीं। तभी अचानक टेंट की छतों से लपटें उठने लगीं।
आग इतनी तेजी से फैली कि जब तक लोग कुछ समझ पाते, दो टेंट पूरी तरह जलकर खाक हो गए। पीड़ित परिवार के अनुसार, इस अग्निकांड में टेंट के भीतर रखे एक लाख रुपये नकद और गृहस्थी का सारा सामान जल गया। आग लगते ही सुरक्षा के मद्देनजर पूरे क्षेत्र की बिजली काट दी गई, जिससे अफरातफरी और बढ़ गई।
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आसपास मौजूद श्रद्धालुओं और शिविर संचालकों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह बुझाया। गनीमत यह रही कि संतोष शुक्ला को समय रहते टेंट से बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
शुरुआती जांच में आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट या किसी चिंगारी की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन अब मेले में अन्य शिविरों को अग्नि सुरक्षा के नियमों के प्रति और अधिक सतर्क रहने की हिदायत दे रहा है।
आग से दो टेटों में रखा सारा सामान जल गया। पत्नी को बचाने के प्रयास में भरत शुक्ला आंशिक रूप से झुलस गए। आग शार्टसर्किट से लगी या फिर कोई और वजह थी, इसकी जांच की जा रही है- अनिमेष सिंह, अग्निशमन अधिकारी माघ मेला।