
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में अब 'चॉक और डस्टर' के साथ-साथ 'एआई और मशीन लर्निंग' का दौर शुरू होने वाला है। प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और प्रशासनिक अमले को भविष्य की तकनीक से लैस करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है।
माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग ने मिशन कर्मयोगी (iGOT) पोर्टल पर उपलब्ध आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) पाठ्यक्रमों को सभी शिक्षकों, प्रधानाचार्यों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए अनिवार्य कर दिया है।
इस पहल का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में नवाचार लाना और प्रशासनिक कार्यों में दक्षता बढ़ाना है। वर्तमान में पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के मामले में उत्तर प्रदेश देश में टॉप पर है, लेकिन कोर्स पूरा करने की रैंकिंग में प्रदेश चौथे स्थान पर है। सरकार का लक्ष्य 31 मार्च तक यूपी को इस श्रेणी में भी नंबर वन बनाना है। इसके लिए विभाग ने स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की है।
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इसके तहत हर कर्मचारी को प्रति माह कम से कम एक कोर्स पूरा करना होगा। साथ ही 31 मार्च तक कुल 12 कोर्स सफलतापूर्वक पूरे करना अनिवार्य हैं। इसके अलावा एआई आधारित प्रमुख पाठ्यक्रमों की लिस्ट पहले ही स्कूलों और कार्यालयों को भेजी जा चुकी है।