उत्तर प्रदेश में कब मनाई जाएगी मकर संक्रांति 14 या 15 जनवरी को? योगी सरकार ने जारी किया नया आदेश
Makar Sankranti 2026: उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति के अवकाश को लेकर योगी सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। पहले राज्य सरकार ने 14 जनवरी 2026 को मकर संक्र ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 12 Jan 2026 03:19:16 PM (IST)Updated Date: Mon, 12 Jan 2026 03:19:16 PM (IST)
HighLights
- 15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया
- आदेश जारी कर सभी जिलों को सूचना भेज दी गई है
- आस्था, स्वास्थ्य और सामाजिक मूल्यों का सुंदर संगम
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति के अवकाश को लेकर योगी सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। पहले राज्य सरकार ने 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति के लिए निर्बंधित (वैकल्पिक) अवकाश घोषित किया था, लेकिन अब इसमें संशोधन करते हुए 15 जनवरी 2026, गुरुवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया है।
सरकार की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर सभी जिलों को सूचना भेज दी गई है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष उत्तर प्रदेश सहित देश के अधिकांश हिस्सों में मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जा रहा है।
मकर संक्रांति पर खिचड़ी की परंपरा
उत्तर भारत के कई राज्यों में मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी बनाना, खाना और दान करना एक पुरानी और प्रचलित परंपरा है। यही कारण है कि मकर संक्रांति का नाम आते ही खिचड़ी का स्मरण स्वतः हो जाता है।
यह परंपरा केवल स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी आस्था, स्वास्थ्य और सामाजिक भावना जुड़ी मानी जाती है। मकर संक्रांति के समय ठंड अपने चरम पर होती है और ऐसे मौसम में खिचड़ी को शरीर के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।
दाल और चावल का संतुलित मिश्रण शरीर को आवश्यक ऊर्जा प्रदान करता है, वहीं घी पाचन शक्ति को मजबूत करता है। खिचड़ी हल्का, सुपाच्य और पोषण से भरपूर भोजन है।
आस्था, स्वास्थ्य और सामाजिक मूल्यों का सुंदर संगम
इसके साथ ही इस दिन खिचड़ी या अन्य खाद्य सामग्री का दान सामाजिक समरसता और सहयोग का प्रतीक माना जाता है। जरूरतमंदों को भोजन देने से करुणा और मानवता की भावना मजबूत होती है।
कुल मिलाकर, मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने और दान करने की परंपरा आस्था, स्वास्थ्य और सामाजिक मूल्यों का सुंदर संगम है, जो इस पर्व को विशेष महत्व प्रदान करती है।