योगी सरकार का बड़ा कदम, यूपी में होटल-रेस्टोरेंट कर्मचारियों की टीबी जांच अनिवार्य
UP News: उत्तर प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से योगी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत प्रदेश के सभी शहरी क्षेत्रों ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 18 Jan 2026 01:04:30 PM (IST)Updated Date: Sun, 18 Jan 2026 01:04:30 PM (IST)
योगी सरकार का बड़ा कदम, यूपी में होटल-रेस्टोरेंट कर्मचारियों की टीबी जांच अनिवार्यHighLights
- संक्रमण के जोखिम को नियंत्रित किया जा सकेगा
- टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं
- संचार माध्यमों के प्रभावी उपयोग पर भी जोर
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से योगी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत प्रदेश के सभी शहरी क्षेत्रों में होटल, रेस्टोरेंट और हास्पिटैलिटी सेक्टर में कार्यरत कर्मचारियों की नियमित टीबी जांच को अनिवार्य कर दिया गया है।
शनिवार को अभियान को लेकर आयोजित बैठक में यह फैसला लिया गया। इसके साथ ही सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेजों के छात्रों तथा जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत रसोई कर्मचारियों की भी अनिवार्य टीबी जांच कराने पर सहमति बनी।
संक्रमण के जोखिम को नियंत्रित किया जा सकेगा
सरकार का मानना है कि इससे संक्रमण के जोखिम को प्रारंभिक स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सकेगा। बैठक में अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने राज्य और जिला टीबी फोरम की हर महीने बैठक आयोजित करने और जिला टीबी फोरम की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए।
टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं
सचिवालय में आयोजित बैठक में अपर मुख्य सचिव ने कहा कि टीबी उन्मूलन का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है, जब सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है।
उन्होंने निर्देश दिए कि संभावित टीबी रोगियों की समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए और चिह्नित मरीजों को बिना किसी देरी के गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाए।
संचार माध्यमों के प्रभावी उपयोग पर भी जोर
साथ ही समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए टीबी चैंपियंस की भागीदारी को मजबूत करने और टीबी उन्मूलन कार्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए इंटरनेट मीडिया व अन्य संचार माध्यमों के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया।
बैठक में विशेष सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण धीरेंद्र सचान, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. रतन पाल सिंह सुमन, राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ. शैलेंद्र भटनागर, उप राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ. ऋषि सक्सेना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।