
डिजिटल डेस्क। बिजनौर के नगीना क्षेत्र स्थित एक मंदिर में एक सप्ताह तक हनुमान जी की मूर्ति की परिक्रमा करने वाला कुत्ता इन दिनों दिल्ली के अस्पताल में इलाजरत है। कुत्ते की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे एनजीओ प्रेमपथ एनिमल शेल्टर की टीम उपचार और जांच के लिए दिल्ली के मैक्स अस्पताल लेकर गई है, जहां फिलहाल उसे आइसीयू में रखा गया है।
एनजीओ टीम के अनुसार सोमवार सुबह कुत्ते का वीपी डाउन हो गया, जिसके चलते डॉक्टरों ने एहतियातन उसे आइसीयू में शिफ्ट कर दिया। टीम का कहना है कि कुत्ते के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही उसे वापस गांव नंदपुर लाया जाएगा। इलाज के दौरान साथ गए ग्रामीण शक्ति सैनी और विजयपाल सैनी दिल्ली से गांव लौट आए हैं।
उधर, कुत्ते के स्वास्थ्य को लेकर ग्रामीणों में गहरी चिंता बनी हुई है। मंदिर की व्यवस्था देख रहे तुषार सैनी, अश्वनी सैनी, राजेंद्र सैनी, अमित सैनी और हिमांशु सैनी ने बताया कि कुत्ते के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए मंदिर में लगातार हवन-पूजन किया जा रहा है।
मंगलवार को मंदिर परिसर में ग्रामीणों के सहयोग से एक विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। इस बीच, कुत्ते की खबर सुनकर जिले और जिले के बाहर से श्रद्धालुओं का गांव पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। मंदिर परिसर में भीड़ बढ़ती जा रही है और भंडारे आयोजित किए जा रहे हैं।
प्रेमपथ एनिमल शेल्टर की टीम कुत्ते को इलाज और विस्तृत जांच के लिए दिल्ली के मैक्स अस्पताल लेकर गई है। एनजीओ के डॉक्टर अश्वनी चित्रांश ने फोन पर बताया कि रविवार को कुत्ते की एमआरआइ, सीबीसी, एलएफटी, केएफटी, सीवीसी और अल्ट्रासाउंड समेत कई जांचें कराई गई हैं।
उन्होंने बताया कि फिलहाल कुत्ते की स्थिति पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। अभी यह कहना संभव नहीं है कि कुत्ता कब तक गांव वापस लौट पाएगा।
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प्रेमपथ एनिमल शेल्टर की टीम में डॉक्टर संध्या रस्तोगी, डॉक्टर अश्वनी चित्रांश और विशाल शामिल हैं, जिन्होंने ग्रामीणों के समक्ष कुत्ते की स्थिति को गंभीर बताते हुए उसे दिल्ली ले जाने का प्रस्ताव रखा था। ग्रामीणों की सहमति के बाद कुत्ते को इलाज के लिए दिल्ली भेजा गया।