Russia-Ukraine War: पीएम नरेंद्र मोदी की दखल के बाद पुतिन ने बदला था यूक्रेन पर परमाणु हमले का प्लान, रिपोर्ट में दावा
Russia-Ukraine Clash: रिपोर्ट में दो सीनियर अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि साल 2022 में पीएम मोदी और कुछ देशों के नेताओं ने रूस के राष्ट्रपति व्ल ...और पढ़ें
By Kushagra ValuskarEdited By: Kushagra Valuskar
Publish Date: Sun, 10 Mar 2024 10:29:05 PM (IST)Updated Date: Sun, 10 Mar 2024 10:29:05 PM (IST)
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ पीएम नरेंद्र मोदी। तस्वीर साभार-जागरणHighLights
- वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से सीएनएन ने दी जानकारी।
- पीएम मोदी के रूसी राष्ट्रपति से बेहतर संबध से टला यूक्रेन पर परमाणु हमला।
एजेंसी, वाशिंगटन। Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष अबतक थमा नहीं है। अब इस युद्ध को लेकर हैरान करने वाली जानकारी सामने आई है। जिसमें दावा किया गया कि साल 2022 के अंत में रूस यूक्रेन पर परमाणु हमला करने वाला था। इस हमले को रोकने में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कुछ देशों के लीडर्स ने मुख्य भूमिका निभाई थी। यह बात सीएनएन की एक रिपोर्ट में सामने आई है।
रूस करने वाला था यूक्रेन पर परमाणु हमला
रिपोर्ट में दो सीनियर अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि साल 2022 में पीएम मोदी और कुछ देशों के नेताओं ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात परमाणु हमले को रोकने में सहायता की थी।
अमेरिका ने पीएम मोदी से किया था संपर्क
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन परेशान थे कि रूस यूक्रेन को खत्म करने के लिए परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है। इसको लेकर यूएस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य देशों के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क किया था। जिससे भीषण संकट को टालने में मदद मिली है।
यह युद्ध का युग नहीं- पीएम मोदी
पीएम नरेंद्र मोदी ने पिछले साल एक शिखर सम्मान के मौके पर रूस के राष्ट्रपति से कहा था कि यह युद्ध का युग नहीं है। सीएनएन ने वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से कहा कि बाइडन प्रशान विशेष रूप से चिंतित था। खासतौर पर 2022 के अंत में जब यूक्रेन में रूसी सेना विनाशकारी साबित हो रही थी। यूक्रेनी सेनाएं खेरसान की तरफ आगे बढ़ रही थीं। अमेरिका को लगा कि परमाणु हथियारों के उपयोग के लिए विनाशकारी ट्रिगर हो सकती है। इस दौरान यूएन ने भारत सहित अन्य देशों की मदद ली थी। जिसमें चीन भी शामिल था।