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डिजिटल डेस्क। आर्थिक बदहाली और गिरते रियाल की कीमत से जूझ रहे ईरान में स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल एक भयावह वीडियो ने देश में व्याप्त असुरक्षा को जगजाहिर कर दिया है। दक्षिण-पूर्वी प्रांत सिस्तान-बलूचिस्तान में अज्ञात हमलावरों ने एक चलती गाड़ी से पुलिस वाहन का पीछा किया और अंधाधुंध फायरिंग कर पुलिसकर्मी महमूद हकीकत को मौत के घाट उतार दिया।
WANA समाचार एजेंसी के अनुसार, इस हमले की जिम्मेदारी जातीय बलूच अधिकारों की मांग करने वाले समूह 'जैश-अल-अदल' ने ली है। इस समूह ने हाल ही में ईरान के धार्मिक प्रतिष्ठान को निशाना बनाने के लिए अन्य छोटे समूहों के साथ गठबंधन किया है। हिंसा की आग केवल एक प्रांत तक सीमित नहीं है, राजधानी तेहरान के पास मलार्ड काउंटी में भी अशांति को नियंत्रित करने के दौरान पुलिसकर्मी शाहिन देहगान की चाकू मारकर हत्या कर दी गई।
ویدئو لحظه ترور محمود حقیقت فرمانده پاسگاه ایرانشهر و فرمانده سابق حفاظت اطلاعات
🔴 مزدوران رژیم ببینند چه عاقبتی در انتظار آنهاست اگر دست از حمایت از این رژیم جنایتکار برندارند !#اعتراضات_سراسری pic.twitter.com/jvm2LYsSyj
— 𝘼𝙨𝙝𝙠𝙊𝙛𝙄𝙧𝙖𝙣 (@AshkOfIran) January 7, 2026
ईरान के 31 में से 25 प्रांतों में विरोध की लहर फैल चुकी है। तेहरान के ग्रैंड बाजार से शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब राजनीतिक और सामाजिक स्वतंत्रता पर प्रतिबंधों के खिलाफ एक बड़े जन-आंदोलन में बदल गया है। प्रदर्शनकारी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ 'मुल्लाओं को ईरान छोड़ना होगा' जैसे तीखे नारे लगा रहे हैं।
विरोध प्रदर्शनों के 12वें दिन में प्रवेश करने तक 30 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, ईरानी प्रशासन ने मौतों का कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है, लेकिन सुरक्षा बलों पर बढ़ते हमलों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। पश्चिमी प्रतिबंधों और कुप्रबंधन के कारण जनता का गुस्सा अब हिंसक रूप ले चुका है।
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