'Operation Sindoor' के बाद पाकिस्तान की नई चाल... पढ़ें पड़ोसी ने क्यों बनाया आर्मी रॉकेट फोर्स?
Operation Sindoor में हार के बाद पाकिस्तान ने चीन की तर्ज पर नई आर्मी रॉकेट फोर्स बनाने की घोषणा की। यह फोर्स पारंपरिक मिसाइल और रॉकेट से लैस होगी, पर ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 15 Aug 2025 01:01:44 AM (IST)Updated Date: Fri, 15 Aug 2025 01:01:44 AM (IST)
'Operation Sindoor' के बाद पाकिस्तान की नई चालनेशनल डेस्क, नई दिल्ली। Operation Sindoor में भारत से हर मोर्चे पर हार झेलने के बाद पाकिस्तान अब अपनी सामरिक क्षमताओं को भारत के स्तर पर लाने की कोशिश में है। इसी रणनीति के तहत पाकिस्तान ने चीन की तर्ज पर नई आर्मी रॉकेट फोर्स कमान बनाने का ऐलान किया है।
यह कमान आधुनिक तकनीक से लैस होगी
79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस फोर्स के गठन की घोषणा करते हुए कहा कि यह कमान आधुनिक तकनीक से लैस होगी और हर दिशा से दुश्मन पर हमला करने में सक्षम होगी। उन्होंने इसे देश की सैन्य प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर बताया।
हालांकि, शरीफ ने इस नई फोर्स की सटीक जिम्मेदारियों या क्षमताओं के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी। एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक, यह कदम सीधे भारत को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
केवल पारंपरिक मिसाइल और रॉकेट शामिल होंगे,
नई कमान का ढांचा चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी रॉकेट फोर्स की तर्ज पर होगा, जो परमाणु और पारंपरिक मिसाइलों, जमीन आधारित बैलिस्टिक, हाइपरसोनिक और क्रूज मिसाइल का नियंत्रण रखती है। हालांकि, पाकिस्तान की नई फोर्स में केवल पारंपरिक मिसाइल और रॉकेट शामिल होंगे, परमाणु हथियार नहीं।
यह फोर्स पाकिस्तान की मौजूदा ASFC के समानांतर
यह फोर्स पाकिस्तान की मौजूदा आर्मी स्ट्रैटेजिक फोर्स कमांड (ASFC) के समानांतर काम करेगी। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेशन सिंदूर में मिली हार और भारत की ब्रह्मोस, पृथ्वी और अग्नि श्रृंखला जैसी लंबी दूरी की मिसाइल क्षमताओं ने पाकिस्तान को यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया है।