
डिजिटल डेस्क। यूक्रेन युद्ध के मैदान में छिड़ी 'ड्रोन बनाम टैंक' की जंग ने इंजीनियरिंग के ऐसे डिजाइनों को जन्म दिया है, जो दिखने में जितने अजीब हैं, तकनीक में उतने ही अनोखे। 'टर्टल टैंक' और 'हेरी टैंक' के बाद अब रूस ने 'डैंडेलियन टैंक' (Dandelion Tank) को मोर्चे पर उतारा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह 'अजीब' दिखने वाला कवच फिलहाल रूसी टैंकों के लिए सबसे मजबूत सुरक्षा कवच साबित हो रहा है।
रूसी भाषा में 'ओदुवानचिक' कहे जाने वाले इस कवच को डैंडेलियन नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि यह उस फूल की तरह हर तरफ फैला हुआ है।
यह डिजाइन रूस के पिछले साल के 'हेजहॉग आर्मर' का ही एक विकसित रूप है। सैन्य विश्लेषक डेविड ऐक्स के अनुसार, अगर इस नए आर्मर को टी-90 जैसे आधुनिक टैंकों के 'एक्सप्लोसिव रिएक्टिव आर्मर' (ERA) और पारंपरिक धातु के पिंजरों (Cages) के साथ जोड़ दिया जाए, तो यह दुनिया की सबसे बेहतरीन एंटी-ड्रोन पैसिव सुरक्षा बन जाती है।
शुरुआत में यूक्रेनी सैनिकों ने रूसी टैंकों पर लगे इन धातु के पिंजरों का मजाक उड़ाया था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। ड्रोन के बढ़ते खतरों को देखते हुए अब यूक्रेनी सेना भी अपनी बख्तरबंद गाड़ियों पर इसी तरह की संरचनाएं, जंजीरें और धातु की प्लेटें लगा रही है।
हथियार विशेषज्ञ डेविड किरीचेंको का कहना है कि युद्ध के मैदान में जो तरीका सैनिकों की जान बचा सके, वही सबसे श्रेष्ठ है।
भले ही यह कवच ड्रोन से बचा रहा हो, लेकिन इसके कुछ गंभीर नुकसान भी हैं:
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रूस ने हाल ही में मलबे जैसा दिखने वाला 'छलावरण जाल' (Camouflage Net) भी बनाया है ताकि ड्रोन उसे पहचान न सकें। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से लैस ड्रोन ऐसे छलावरण को पल भर में पहचान लेंगे।
अंततः, आधुनिक युद्ध में कोई भी सुरक्षा स्थायी नहीं है। जैसा कि विश्लेषक वलेरी रियाबिख कहते हैं, "हर सुरक्षा उपाय तब तक ही प्रभावी है जब तक दुश्मन उसका तोड़ नहीं ढूंढ लेता।" फिलहाल के लिए, यह 'जुगाड़' रूसी टैंकों को ड्रोन के काल से बचाने का सबसे कारगर हथियार बना हुआ है।