नईदुनिया न्यूज़, कवर्धा। सरकारी बीमा योजना का मकसद संकट के समय परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देना है, लेकिन इसी योजना में जिंदा लोगों को कागजों में मृत बताकर दो-दो लाख रुपये के बीमा क्लेम निकालने का आरोप सामने आए तो पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।
मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से जुड़े कथित फर्जीवाड़े की जांच अब कबीरधाम जिले तक पहुंच गई है। पंडरिया विकासखंड के ग्राम पंचायत भेलकी के आश्रित गांव बदनाचुआ के बाबूलाल मरावी, गंगाराम मरावी और रामकुमार के नाम जांच के दायरे में आए हैं।
कागजों में मौत, गांव में मिले जीवित
मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दस्तावेजों में मृत दर्शाए गए बाबूलाल मरावी और गंगाराम मरावी अपने परिवार के साथ गांव में जीवित मिले। तीसरे ग्रामीण रामकुमार के परिजनों ने बताया कि वह रोजी-रोटी कमाने रायपुर गया हुआ है।
ग्रामीणों के मुताबिक, उन्हें न तो अपने नाम पर बीमा पॉलिसी होने की जानकारी थी और न ही मृत्यु दर्शाकर बीमा राशि का दावा किए जाने की। कुछ दिन पहले पूछताछ के लिए कुकदूर थाना बुलाए जाने के दौरान उन्हें कथित फर्जीवाड़े की जानकारी मिली।
आरोप है कि तीनों ग्रामीणों के नाम पर कथित फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल कर दो-दो लाख रुपये के बीमा दावे किए गए। हालांकि, दावों की राशि वास्तव में किसे मिली और दस्तावेज किसने तैयार किए, इसकी पुष्टि जांच से होनी बाकी है।
मध्यप्रदेश में करोड़ों के कथित फर्जी दावे
इस मामले की जांच मध्यप्रदेश में सामने आए संदिग्ध बीमा दावों से जुड़ी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वहां 482 बैंक खातों की पड़ताल की जा रही है और करीब 9 करोड़ 60 लाख रुपये की संदिग्ध राशि का उल्लेख है। रिपोर्टों में 121 संदिग्ध प्रकरणों का भी जिक्र है। ये आंकड़े जांच के दायरे से संबंधित हैं, इन्हें दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
बैंक खातों और दस्तावेजों की पड़ताल
पुलिस दस्तावेजों के मुताबिक, इंदौर स्थित आईसीआईसीआई बैंक की पिपल्याहाना शाखा से 59 खातों के आवेदन-पत्र, केवाईसी दस्तावेज और बैंक विवरण जुटाए गए हैं। बेंगलुरु स्थित पंजाब नेशनल बैंक की रामानगरम शाखा के दस्तावेज भी जांच में शामिल हैं। भोपाल के थाना अजाक में अपराध क्रमांक 01/26 के तहत कूटरचित दस्तावेजों और कथित धोखाधड़ी से संबंधित मामला दर्ज होने का उल्लेख है।
मध्यप्रदेश से पत्र मिला, जांच जारी: एसपी
मध्यप्रदेश से इस मामले में एक पत्र प्राप्त हुआ था। उसके आधार पर जांच की जा रही है। जांच के सिलसिले में तीनों ग्रामीणों को थाने बुलाकर पूछताछ की गई है। मामले में आगे की जांच जारी है। जितेंद्र यादव, पुलिस अधीक्षक, कबीरधाम
अब इन सवालों के जवाब जरूरी
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में बीमित व्यक्ति की मृत्यु पर नामांकित व्यक्ति को दो लाख रुपये का बीमा कवर मिलता है। ऐसे में सवाल है कि मृत्यु प्रमाण पत्र किसने बनवाए, उनका सत्यापन कैसे हुआ, बीमा दावा किसने प्रस्तुत किया और राशि किन खातों में पहुंची।
बदनाचुआ के तीन ग्रामीणों का मामला इन सवालों को कबीरधाम तक ले आया है। जांच पूरी होने पर ही कथित फर्जीवाड़े की पूरी कड़ी और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।