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डोंगरगढ़ डबल मर्डर में खुलासा, जादू टोना की शंका में की गई मां और बेटे की हत्या; मुख्य आरोपी समेत तीन गिरफ्तार

डोंगरगढ़ के चौथना गांव में हुआ दोहरा हत्याकांड जादू-टोना की शंका में हुआ। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

By Digital DeskEdited By: Nitin Kumar
Publish Date: Mon, 12 Oct 2026 07:16:08 PM (IST)Updated Date: Mon, 12 Oct 2026 07:49:11 PM (IST)
डोंगरगढ़ डबल मर्डर में खुलासा, जादू टोना की शंका में की गई मां और बेटे की हत्या; मुख्य आरोपी समेत तीन गिरफ्तार
जादू-टोना की शंका में हुआ हत्याकांड, सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. चौथना गांव में हुआ था दोहरा हत्याकांड
  2. तीन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
  3. जादू-टोना की शंका में हुआ हत्याकांड

नईदुनिया न्यूज, डोंगरगढ़। डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम चौथना में बीते शुक्रवार की शाम मां-बेटे की हत्या अंधविश्वास की परिणति साबित हुई। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपित हेमंत कुमार सोनकर (36), उसकी मां केशर सोनकर (55) और भाई सोनू सोनकर (34) को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने उजागर किया कि आरोपित और उसका परिवार हत्या की योजना में शामिल था। हेमंत घटना के दिन से फरार था जिसे पुलिस ने रविवार की रात डोंगरगढ़ पुलिस ने उसे खैरागढ़ के करीब मुढ़ीपार स्थित मां विंध्यवासिनी मंदिर के करीब जंगल से दबोचा। वह दो दिनों से जंगल में ही छिपता फिर रहा था। वहीं अन्य आरोपितों से पुलिस घटना के दिन से पूछताछ में जुटी थी।


पुलिस के अनुसार, नौ अक्टूबर की शाम आठ से नौ बजे के बीच आरोपित हेमंत टंगिया लेकर सीधे अपने चाचा सुखीराम के घर पहुंचा और जो सामने मिला उस पर क्रूरता पूर्वक वार करता चला गया।

चाची कमला सोनकर (45), भाई खुपेंद्र (21) और बहन ममता (19) पर एक-एक कर उसने टंगिया से क्रूरता पूर्वक वार किए। हृदय विदारक घटना को अंजाम देने के बाद आरोपित चुपचाप अपने घर में आराम कर रहा था। लेकिन जैसे ही उसे ग्रामीणों से पता चला कि ममता जीवित है, वह गांव से फरार हो गया।

इस पूरे कांड की जानकारी मुख्य आरोपित की मां केशर और उसके भाई हेमंत को भी थी। तीनों ने एक साथ बैठक हत्या की चर्चा की थी जिसके बाद हेमंत ने इस वारदात को अंजाम दिया। आरोपित केशर और सोनू ने आरोपित के कपड़े और टंगिया में लगी लकड़ी जलाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की।

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घटना के दिन ही पुलिस ने दोनों आरोपितों से पूछताछ शुरु कर दी थी। आरोपित के जंगल की ओर भागने की पुष्टि हुई थी। घटना के बाद ही इसे आपसी विवाद और अंधविश्वास से जोड़कर देखा जा रहा था।

टोनही होने की शंका थी

मुख्य आरोपित हेमंत रिश्ते में मृतिका कमला सोनकर का भतीजा है। आरोपितों को मृतिका कमला सोनकर पर टोनही होने की शंका थी। दोनों परिवारों में विगत तीन वर्षों से सब्जी बाजार में पसरा लगाए जाने को लेकर विवाद था।

इस विवाद के बाद आरोपित अपनी और अपने बच्चों की बीमारी को कमला के टोनही होने से जोड़कर देखने लगा। पुलिस ने राजफाश किया है कि घटना के दिन भी आरोपित के सिर में तेज दर्द उठा और उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया।

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जो सामने आया, उसे मारता गया

पुलिस के अनुसार, घटना के दिन आरोपित सिर दर्द से परेशान था। वह बार-बार इसके लिए कमला सोनकर को जिम्मेदार ठहरा रहा था। पूरा परिवार कमला को जादू-टोने से जोड़कर देखता था। परिवार में जब बात छिड़ी तो हेमंत ने हत्या करने की बात कही और टंगिया लेकर घर से निकल गया।

गांव के बाहरी इलाके में स्थित सुखी के घर पहुंचा। आरोपित ने दरवाजे से भीतर घुसते ही पलंग पर लेटकर टीवी देख रहे अपने चचेरे भाई खुमेंद्र पर टंगिया से ताबड़तोड़ वार कर दिया। इसके बाद कमला सोनकर सामने आई तो वह उस पर टूट पड़ा।

कमरे में मौजूद अपनी चचेरी बहन ममता पर भी उसने टंगिया चला दी। पूरा घर रक्त रंजित करने के बाद आरोपित वहां से निकलकर अपने घर आ गया। उसने तीनों को मृत मान लिया था। रात 9.30 बजे जब सुखीराम अपने घर पहुंचा तो उसने घर में शवों का मंजर देखा। इसके बाद हत्याकांड की खबर फैली।

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