Betul News: बैतूल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में रबी सीजन की फसलों की बुवाई का समय आते ही बिजली का संकट किसानों के लिए मुसीबत बनने लगा है। ट्रांसफार्मर बिगड़ रहे हैं तो समय पर बदले नहीं जा रहे हैं। बिजली की आपूर्ति का समय भी रात और सुबह का कर दिया गया है, जिससे किसानों को ठंड में खेतों में रतजगा करना पड़ रहा है। इधर बिजली कंपनी के अफसरों का दावा है कि इस सीजन में 350 से अधिक ट्रांसफार्मरों को खराब होने के बाद बदला गया है। अत्यधिक लोड आ जाने के कारण ट्रांसफार्मर खराब हो जाते हैं, जिन्हें सुधारने के लिए भोपाल भेजा जाता है। इस दशा में कई बार लंबा वक्त लग जाता है। इधर किसानों का आरोप है कि शिकायत करने पर बिजली कंपनी के अधिकारी कोई सुनवाई ही नही करते हैं। जब ट्रांसफार्मर खराब होता है तो उसे निकालकर ले जाते हैं, लेकिन दूसरा लगाने की बजाय उसके सुधरने के बाद भोपाल से आने का इंतजार किया जाता है। इससे उनकी फसलों की सिंचाई नहीं हो पाती है।

ट्रांसफॉर्मर खराब होने के कई मामले

पिछले एक सप्ताह में ही ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण किसानों के परेशान होने के आधा दर्जन से अधिक मामले सामने आ गए हैं। किसानों का कहना है कि वर्षाकाल समाप्त होने के बाद बिजली कंपनी के द्वारा ट्रांसफार्मरों और विद्युत लाइनों की मरम्मत का कार्य नहीं किया जाता है। इसी के कारण जैसे ही किसान खेतों में फसल बुवाई के लिए पलेवा करना प्रारंभ करते हैं, तो कभी ट्रांसफार्मर जल जाता है तो कभी बिजली के तार टूट जाते हैं। कई बार तो बिना सूचना के ही कई घंटे तक बिजली की आपूर्ति बंद कर दी जाती है।

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आपूर्ति के समय में भी बदलाव की मांग

जिले में कृषि क्षेत्र के लिए बिजली की आपूर्ति करने दो समूह बनाए गए हैं। इनमें एक सप्ताह के बाद आपूर्ति के समय में बदलाव किया जा रहा है। इन समूहों में आपूर्ति के समय को लेकर किसानों में नाराजगी पनप रही है। मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक द्वारा 11 नवंबर से बैतूल जिले में बिजली की आपूर्ति के लिए पुनरीक्षित प्लान तैयार किया है, जिसे जिले में 15 नवंबर से लागू कर दिया गया है। जिले में बनाए गए दो ग्रुपों में से ए ग्रुप में रात 11.30 से सुबह 3.30 बजे तक और इसके बाद दोपहर 3.30 से रात 9.30 बजे तक बिजली की आपूर्ति दी जा रही है। दूसरे बी ग्रुप में सुबह 3.30 बजे से 7.30 बजे तक और दोपहर में 3.30 बजे से रात 11.30 बजे तक कुल 10 घंटे बिजली मिल रही है। किसानों का कहना है कि किसी भी ग्रुप में दिन के समय पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। या तो किसानों को अल सुबह कड़ाके की ठंड में सिंचाई करना पड़ेगा या फिर रात में उन्हें परेशान होना पड़ेगा।

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ट्रांसफार्मर जलने से सूख रही फसल

जिले के आमला विकासखंड में आने वाले ग्राम परसोड़ा में 100 केवी का ट्रांसफार्मर जल गया है। इसकी शिकायत एक सप्ताह पहले बिजली कंपनी के अधिकारियों को दी गई है लेकिन आज तक समस्या का निराकरण नहीं हो पाया है। इस ट्रांसफार्मर से 47 मोटर पम्प कनेक्शन संचालित होते हैं। परसोड़ा के किसान सुखराम भोदेकर, यशवंत माथनकर, मानिकराव, केदारनाथ, राजेश धाड़से ने बताया कि बिजली कंपनी के द्वारा अब तक ट्रांसफार्मर बदला नहीं गया है। नया ट्रांसफार्मर पूर्व से स्वीकृत है, लेकिन अभी तक नहीं लगाया गया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि बिजली न होने से उनकी फसलें सूख रही हैं। ऐसे में वे अब धरना- प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं।

वोल्टेज की भी समस्या

बैतूल जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम उमरवानी के किसान वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं। किसान अपने खेतों में फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। उमरवानी गांव के लगभग 26 किसानों ने मिलकर ट्रांसफार्मर लगाने के लिए ठेकेदार यादव को एक लाख 65 हजार रुपये दे भी दिए, लेकिन आज तक ट्रांसफार्मर नहीं लगाया जा सका है। किसानों ने बताया कि पाढर बिजली कंपनी कार्यालय के जेई पंकज सोनी से चर्चा की तो उनके द्वारा भी एक सप्ताह का समय और लगने की जानकारी दी है। क्षेत्र के जनपद सदस्य अर्जुन धुर्वे ने बताया कि ट्रांसफार्मर लगाने वाले ठेकेदार को एक माह पहले पूरे पैसे दिए गए हैं लेकिन ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया है। इससे किसान खेतों में पलेवा नहीं कर पा रहे हैं।

अधिकारी का बयान

'वर्षाकाल में बिजली की खपत कम हो जाती है। जैसे ही रबी का सीजन आता है वैसे ही ट्रांसफार्मरों पर लोड अधिक पड़ने लगता है। इसी वजह से जल जाते हैं। यह सतत प्रक्रिया है, किसान कई दिन हो जाने का आरोप गलत लगाते हैं। अब तक 350 ट्रांसफार्मर सुधारे जा चुके हैं।'

वीरेंद्र सिंह दांगी, महाप्रबंधक बिजली कंपनी बैतूल

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Posted By: Nai Dunia News Network

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