• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

MP Weather: मानसून की रफ्तार पर लगा ब्रेक, 37 जिलों में कोटा अधूरा; भोपाल और ग्वालियर समेत 18 जिलों का पूरा

मध्य प्रदेश में 88 फीसदी बारिश हो चुकी है। इस सीजन में प्रदेश के कुछ जिलों में झमाझम बारिश हुई तो कुछ जिलों में कोटा पूरा नहीं हो सका है।

By Digital DeskEdited By: Nitin Kumar
Publish Date: Tue, 15 Sep 2026 09:54:54 AM (IST)Updated Date: Tue, 15 Sep 2026 10:28:46 AM (IST)
MP Weather: मानसून की रफ्तार पर लगा ब्रेक, 37 जिलों में कोटा अधूरा; भोपाल और ग्वालियर समेत 18 जिलों का पूरा
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में पानी बरसा, पश्चिमी हिस्सा तरसा, फाइल फोटो

HighLights

  1. प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में पानी बरसा, पश्चिमी तरसा
  2. आगामी चार तक भारी बारिश की संभावना नहीं
  3. 37 जिलों में बारिश का कोटा अधूरा, 18 का पूरा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सितंबर का महीना आधा बीत चुका है और मानसूनी सीजन के 15 दिन बाकी है। इस दौरान मध्य प्रदेश में 88 फीसदी बारिश हो चुकी है। इस सीजन में प्रदेश के कुछ जिलों में झमाझम बारिश हुई तो कुछ जिलों में कोटा पूरा नहीं हो सका है।

मानसूनी मौसम में भोपाल और ग्वालियर समेत 18 जिलों में जमकर पानी बरसा तो वहीं इंदौर-उज्जैन और जबलपुर समेत 37 जिलों में बारिश का कोटा पूरा नहीं हो सका। मौसम विभाग की माने तो अगले चार दिनों में प्रदेश में भारी बारिश या अति बारिश का कोई अनुमान नहीं है।


15 सितंबर से सिस्टम कमजोर

उल्लेखनीय है कि, बीते चार दिनों से प्रदेश के पश्चिमी जिलों में बारिश का दौर चल रहा था। इस दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, चंबल और नर्मदापुरम में पानी बरस रहा था। सोमवार को भी कुछ जिलों में बारिश देखने को मिली है।

मंगलवार 15 सितंबर को बारिश का सिस्टम कमजोर देखने को मिल रहा है। इस दौरान दो दिनों तक कई हिस्सों में हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।

यह भी पढ़ें- जबलपुर: पर्युषण पर्व पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दोपहर 12 बजे तक जैन कर्मचारियों को अदालत आने की अनुमति

पूर्वी हिस्से में पानी बरसा, पश्चिमी हिस्सा तरसा

मौसम विभाग का कहना है कि, इस सीजन प्रदेश के पूर्वी हिस्सों जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में रिकॉर्ड बारिश हुई। सागर के निवाड़ी में कोटे से 49 फीसदी, मऊगंज में 44 फीसदी, सतना में 34 फीसदी, मैहर में 29 फीसदी ज्यादा बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्सों में बारिश अनुमान के मुताबिक नहीं हो सकी है।

32 जिलों में कम बरसा पानी

प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 1 फीसदी तक कम बारिश हुई। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर, सिवनी में 2 फीसदी से 25 फीसदी तक कम बारिश हुई।

यह भी पढ़ें- MP हाईकोर्ट ने NSA में बंद दो भाइयों को दी राहत, कहा- 'कलेक्टर ने दिमाग का उपयोग नहीं किया'

पिछले एक सप्ताह में यह आंकड़ा काफी सुधरा है। कई जिलों में बाढ़ के हालात बने। इससे आंकड़े में सुधार आया और सीजन में पहली बार पूर्वी हिस्सा आंकड़ों में बेहतर रहा है, लेकिन सोमवार तक आंकड़ा माइनस में एक प्रतिशत हो गया।

अगर पश्चिमी हिस्सों की बात करें तो आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 2 फीसदी से 49 फीसदी कम पानी गिरा है।

23 जिलों में ज्यादा बारिश

आईएमडी के अनुसार, अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़्र, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

यह भी पढ़ें- एमपी के दो सीनियर IAS के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी, हाईकोर्ट ने दिया 21 सितंबर को पेश होने का आदेश